हरियाणा सरकार ने सिलेबस में जोड़े यह अध्‍याय, मचा बवाल

मनु मेहता/विशाल एंग्रीश, चंडीगढ़ (30 जून): देश में शिक्षा की नई नीति आ रही है, लेकिन हरियाणा की बीजेपी सरकार पर नैतिक शिक्षा के नाम पर भगवाकरण का आरोप लग रहा है। क्योंकि छठी से 12वीं तक पढ़ाई जाने वाली किताबों में गीता ज्ञान को शामिल किया गया है। जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और वीर सावरकर के बारे में पढ़ाया जाएगा।

हरियाणा में नैतिक शिक्षा की किताबों को लेकर सियासी महाभारत छिड़ता दिखाई दे रहा है। सूबे में छठी से 12वीं क्लास तक नैतिक शिक्षा की किताबें पढ़ाई जाएंगी। इन किताबों में गीता के साथ ही कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की अच्छी बातों को नैतिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। धार्मिक ग्रंथों के अलावा नैतिक शिक्षा के पाठ्यक्रम जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वीर सावरकर, स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद, उधम सिंह, भगत सिंह और अन्य आज़ादी के सिपाहियों के बारे में पढ़ाया जाएगा।

हिंदुस्तान की सियासत में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और वीर सावरकर को हिंदुत्व के चेहरे के तौर पर देखा जाता है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 5 जुलाई को कुरुक्षेत्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें नैतिक शिक्षा की किताबों की लॉन्चिंग की जाएगी। राज्य सरकार को इस कदम पर विपक्षी कांग्रेस सवाल उठा रही है। कांग्रेस का कहना है कि उसे गीता पढ़ाने से ऐतराज नहीं है, लेकिन गीता के बहाने शिक्षा के भगवाकरण का वो विरोध करती है। राज्य सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए गाय, गंगा और गीता जैसे विषयों में लोगों को उलझा रही है।

कांग्रेस ने सवाल उठाए तो हरियाणा सरकार के मंत्रियों ने जवाब देने के लिए मोर्चा खोल दिया है। राज्य के मंत्रिय़ों का कहना है कि गीता को धर्म से जोड़ना गलत है और सूबे की बाकी सरकारें भी गीता जयंती पर कार्यक्रम आयोजित करती रही हैं। इस सियासी घमासान के बीच SCERT तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है, किताबें छप चुकी हैं और 5 जुलाई को लॉन्चिंग के साथ ही सूबे स्कूलों में इसकी पढ़ाई शुरू हो जाएगी।

5 जुलाई को कुरुक्षेत्र में होने जा रहे कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत देश और प्रदेश के कई नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है।