डेरा के अंदर जाने का फिलहाल कोई प्लान नहीं: सेना

नई दिल्ली(26 अगस्त): डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को साध्वी से बालात्कार करने के मामले में अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद से ही उनके समर्थक गुंडई और हिंसा पर उतर आए। समर्थकों को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में 32 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 200 से ज़्यादा लोग घायल हो गए हैं। सिर्फ पंचकूला हिंसा में ही अब तक 28 लोगों की जान चली गई है वहीं सिरसा में शनिवार सुबह तक मरने वालों की संख्या 3 हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नाराज डेरा समर्थकों पर गोलीबारी से मौतें हुई। मृतकों में सभी डेरा समर्थक हैं। वहीं खबर आ रही थी कि सेना सिरसा में डेरा मुख्यालय में घुस गई है। लेकिन अब इसपर सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मिलिट्री डेरा के अंदर नहीं जा रही है, फिलहाल ऐसा कोई प्लान नहीं है। यह जानकारी 33 हिसार डिवीज़न के जीओसी राजपाल पुनिया ने दी। 

दरअसल, दोषी करार दिए जाने के बाद राम रहीम के भक्त हिंसा और उतर आए। देखते ही देखते पंजाब और हरियाण के कई इलाकों में डेरा समर्थकों ने हिंसा और आगजनी शुरू कर दी। मामला राजधानी दिल्ली तक जा पहुंचा। कुछ ही देर में हरियाणा का पंचकुला जैसे किसी युद्ध क्षेत्र में बदल गया। पंजाब और हरियाणा में राम रहीम के लाखों समर्थक हैं। पंजाब में दस जगहों पर सेना को बुलाया गया है।