राज्यसभा चुनाव: हरियाणा में कांग्रेस के 17 में से 14 विधायकों का वोट रद्द

नई दिल्ली (11 जून): राज्यसभा चुनाव में हरियाणा से आई ये सबसे बड़ी खबर है। हरियाणा में इस बार कांग्रेस ने सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया है। INLD के उम्मीदवार को समर्थन देने वाली कांग्रेस के 17 में से 14 विधायकों का वोट रद्द हो गए हैं। इसका नतीजा ये हुआ है कि बीजेपी के समर्थन से मैदान में उतरे निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा की जीत हो गई है। तो आखिर कांग्रेस के कमोबेश सारे विधायकों का वोट कैसे रद्द हुआ? और क्या ये हरियाणा कांग्रेस में बगावत तो नहीं? ये बड़ा सवाल खड़ा हुआ है!

मोदी सरकार बनने के बाद दिन पर दिन कमजोर हो रही कांग्रेस में आज बड़ी बगावत हुई है। हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में इनेलो और कांग्रेस समर्थित आर के आनंद को बड़ा उलटफेर करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार और बीजेपी समर्थित मीडिया जगत की नामचीन हस्ती सुभाष चंद्रा ने चुनाव हरा दिया। कांग्रेस आलाकमान ने काफी माथापच्ची करने के बाद अपने विधायकों को आर के आनंद को वोट करने का निर्देश दिया था। लेकिन हरियाणा में कांग्रेस के 14 विधायकों के वोट अवैध करार दे दिए गए। INLD नेता का कहना है कि कांग्रेस के 17 में से केवल तीन वोट आरके आनंद को मिले और 14 वोट अवैध हो गए। 

सुभाष चंद्रा ने बड़ा उलटफेर किया उससे ज्यादा बड़ी बात कांग्रेस में बगावत है। हरियाणा विधानसभा में बीजेपी के पास 47 एमएलए हैं। कांग्रेस के पास 17 और INLD के 19 विधाय़क हैं। आरके आनंनद को जीत के लिए सिर्फ 31 वोटों की जरुरत थी लेकिन कांग्रेस के 14 विधायकों के वोट अवैध होने की वजह से बाजी सुभाष चंद्रा के हाथ लग गई। 

इस बगावत की सबसे बड़ी वजह हरियाणा में कांग्रेस की गुटबाजी और राष्ट्रीय नेतृत्व से स्थानीय नेताओं से मतविरोध रहा। हरियाणा में कांग्रेस का भूपेन्द्र सिंह हुड्डा गुट कतई आरके आनंद को वोट देने के पक्ष में नहीं था। प्रदेश अध्यक्ष और राहुल गांधी के करीबी अशोक तंवर भी इनेलो उम्मीदवार के पक्ष में कांग्रेस के वोट करने के खिलाफ थे। दरअसल इन नेताओं का तर्क था कि हरियाणा में चौटाला की पार्टी को समर्थन देना भारी राजनीतिक भूल होगी। जबकि राष्ट्रीय नेतृत्व किसी भी कीमत पर बीजेपी समर्थित उम्मीदवार को हराने के लिए चौटाला से दोस्ती में भी कोई खराबी नहीं देख रहा था। 

अब कांग्रेस में बगावत के लिए विधायकों ने क्या पैंतरे अपनाए। भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने खाली बैलट जमा कर दिया। हुड्डा समर्थक 12 कांग्रेसी विधायकों ने ऐसे वोट दिए जो अवैध हो गए। रणदीप सिंह सूरजेवाला ने कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी को खुलेआम दिखाकर वोट दिया जो अवैध हो गया। केवल किरण चौधरी और हाल ही में काग्रेस में शामिल कुलदीप विश्नोई और रेणुका विश्नोई के तीन वोट ही आरके आनंद को मिल पाए। कांग्रेस के दिल्ली में बैठे नेता हाथ मलते रह गए और भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने ऐसा खेल खेला कि पार्टी ने बगावत करके सुभाष चंद्रा को राज्यसभा पहुंचा दिया।