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हरियाणा विधानसभा चुनाव: 1.83 करोड़ मतदाता कल करेंगे 1169 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए कल यानी 21 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। शांतिपूर्ण और सही तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने लगभग तमाम तैयारियां पूरी कर ली है। पोलिंग स्टेशन पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जा रहा है

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 अक्टूबर): हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए कल यानी 21 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। शांतिपूर्ण और सही तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने लगभग तमाम तैयारियां पूरी कर ली है। पोलिंग स्टेशन पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। चुनाव से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी धीरे-धीरे पोलिंग स्टेशन पर पहुंचने लगे हैं। राज्य के सभी 90 विधानसभा सीटों पर एक चरण में कल वोटिंग होगी। जबकि 24 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी।

हरियाणा के मुख्य राज्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल के मुताबिक राज्य की भी 90 विधानसभा सीटों के लिए 21 अक्तूबर को सुबह 7.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक वोटिंग होगी। हरियाणा विधानसभा चुनाव में करीब 1.83 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे जिनमें 83 लाख महिलाएं शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मतदान के लिए 19,578 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 13,837 केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है। विधानसभा की 90 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए 105 महिलाओं सहित 1,169 प्रत्याशी मैदान में हैं।

90 सीटों के लिए सभी राजनीतिक दलों के कुल मिलाकर 1169 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से करीब 481 यानी कुल 42 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। 262 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 50 लाख से 2 करोड़ के बीच, 161 उम्मीदवारों की संपत्ति 2 से 5 करोड़ के बीच और 182 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 5 करोड़ रुपए से ज्यादा है। 2014 और 2019 में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या 42 फीसदी ही रही। 2014 में 1343 उम्मीदवारों में से 563 उम्मीदवार करोड़पति थे। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

आपको बात दें कि 2014 में सम्‍पन्‍न पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की थी और पार्टी के मनोहर लाल खट्टर राज्‍य के मुख्‍यमंत्री बने थे। राज्‍य विधानसभा में भाजपा के 47 विधायक, कांग्रेस के 16 विधायक और आईएनएलडी के 7 विधायक हैं। बाकी सीटें छोटे दलों और निर्दलीयों के खाते में गई थीं। राज्‍य का गठन 1966 में पंजाब से अलग करके हुआ था। शुरुआत में राज्‍य में 54 विधानसभा सीटें ही थीं, जिन्‍हें बढ़ाकर 1967 में 81 कर दिया गया और 1977 में यह संख्‍या 90 हो गई। इनमें से 17 सीटें आरक्षित हैं। खट्टर से पहले लगातार 10 वर्षों तक कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा राज्‍य के मुख्‍यमंत्री थे। गौरतलब है कि 90 सदस्‍यीय हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 27 अक्‍टूबर, 2019 को समाप्‍त होने जा रहा है। 

(Image Credit: Google)

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