उत्तराखंड संकट: हरीश रावत ने पहली बार माना, 'स्टिंग CD में मौजूद'!

नई दिल्ली (1 मई): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से हटाए गए हरीश रावत ने रविवार को 'स्टिंग सीडी' में अपनी मौजूदगी को स्वीकार कर लिया। अभी तक वह बागी विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त में अपने शामिल होने को  'फर्जी और गलत' बता रहे थे। हालांकि, उन्होंने कहा है कि पत्रकार से मिलना कोई अपराध नहीं है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, हरीश रावत ने देहरादून में एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, "क्या किसी पत्रकार से मिलना कोई अपराध है? तब तक तकनीकी रूप से अयोग्य घोषित नहीं हुए विधायकों में से किसी ने भी मुझसे बातचीत की तो इससे क्या फर्क पडता है? राजनीति में क्या किसी चैनल को हम बंद कर सकते हैं?"

इस संबंध में उन्होंने निर्दोष होने का दावा किया है। उन्होंने कहा, "सीडी में से ऐसा कुछ भी प्रमाणित हो जाए कि उन्होंने असंतुष्ट विधायकों का समर्थन लेने के बदले में उन्हें नकद या किसी और प्रकार की पेशकश की। तो वह जनता के सामने फांसी पर लटकने को तैयार हैं।"

उन्होंने कहा, "अगर मेरे खिलाफ ऐसा कोई प्रमाण मिलता है कि कि मैंने किसी को धन या किसी और चीज की पेशकश की तो मुझे घंटाघर पर लटका दीजिए।"

रावत के इस बयान से यह साफ हो गया है कि उनके और 'स्टिंग सीडी' बनाने वाले उस पत्रकार के बीच मुलाकात हुई थी। गौरतलब है, रावत अब तक सीडी की सत्यता को ही चुनौती देते रहे थे। उन्होंने उसे 'फर्जी व गलत' बताया था।