जेल से रिहा हुआ हार्दिक बोला- कन्हैया से समझूंगा राष्ट्रद्रोह का मतलब

अहमदाबाद (16 जुलाई): पाटीदार आंदोलन के अगुवा हार्दिक पटेल 9 महीने बाद सूरत जेल से रिहा हो गए। उन्होंने खुद पर गलत तरीके से देशद्रोह का आरोप लगाते हुए कहा कि वह जेएनयू जाकर कन्हैया कुमार से मिलेंगे और राष्ट्रद्रोह का मतलब समझने की कोशिश करेंगे।

रिहा होने के बाद हार्दिक ने एक फॉर्म पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि कन्हैया पर देशद्रोह का आरोप कैसे लगाया गया। जबकि इस्लामिक प्रीचर डॉ. जाकिर नाइक पर ये आरोप नहीं लगाया गया। हार्दिक ने ये भी कहा, 'जब तक ओबीसी कोटे में रिजर्वेशन नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा। हमारा मकसद बीजेपी को हराना या कांग्रेस को जिताना नहीं है।'

शुक्रवार की सुबह सूरत की लाजपोर जेल से रिहा हुए हार्दिक पटेल रात 11 बजे अहमदाबाद आए। हजारों पाटीदारों ने उनका जबरदस्त वेलकम किया। इसके बाद वे वस्त्राल के राम मंदिर स्थित दर्शन के लिए गए। वहां करीब दो-ढाई घंटे लगे। इसके बाद वे अवध रेसीडेंसी स्थित अपने एक रिलेटिव के यहां रात रुकने गए। पर वहां से 3 बजे के आसपास वे अचानक कहीं चले गए।