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धरना दे रहे केजरीवाल के समर्थन में आए हार्दिक पटेल

दिल्ली में एलजी के खिलाफ धरने पर बैठे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को चार राज्यों के सीएम का समर्थन मिला है।

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 16 जून ): दिल्ली में एलजी के खिलाफ धरने पर बैठे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को चार राज्यों के सीएम का समर्थन मिला है।

केजरीवाल के धरने का समर्थन करने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के सीएम पिनाराई विजयन, कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू दिल्ली पहुंचे हैं. लेकिन, बताया जा रहा है कि दिल्ली के एलजी अनिल बैजल ने ममता बनर्जी को सीए केजरीवाल से मुलाकात करने की इजाजत नहीं दी है।

इस बीच पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने ट्वीट कर अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया है। हार्दिक ने ट्वीट कर लिखा,'पार्टी मेरे लिए महत्व नहीं रखती लेकिन में अरविंद केजरीवाल जी की इस लड़ाई में साथ हूँ।लोकतंत्र को बचाने के लिए सब को एक होना होगा !!  सपोर्ट अरविंद केजरीवाल

एलजी हाउस में सीएम केजरीवाल से ना मिलने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी शनिवार शाम को अरविंद केजरीवाल के घर पहुंचे।

चारों ने एलजी को पत्र लिखकर उनसे और केजरीवाल से मिलने का वक्त मांगा है, लेकिन एलजी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। केजरीवाल के परिवार से मिलने के बाद चारों मुख्यमंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस मामले को पीएम के सामने भी उठाएंगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस दौरान केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, 'हम सब एकता दिखाने के लिए केजरीवाल के घर आए हैं। कुछ मामले राजनीति से अलग होते हैं। विपक्षी पार्टी की भी मार्यादा होती है। दिल्ली का काम चार महीने से बंद है। ममता ने कहा जब पीएम साहब से दिल्ली नहीं संभल रही है तो देश कैसे संभलेंगा।

उन्होंने कहा कि चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों को मिलने का समय नहीं दिया गया। एलजी के पास 6 दिन से समय नहीं है। एलजी ने समय नहीं निकाला तो किसका दरवाजा खटखटाएं। 

ममता ने कहा कि दिल्ली में संवैधानिक संकट है। चार महीने से यह मामला सुलझ नहीं रहा है। 6 दिन से सीएम एलजी के घर में हैं। इसका समाधान नहीं हुआ तो हर राज्य में ऐसी नौबत आ सकती है। कुछ चीजें लोकतंत्र में राजनीति से भी ऊपर होती हैं।

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