जिसने टीम इंडिया को लड़कर जीतना सिखाया, आज है उस दिग्गज का जन्मदिन

नई दिल्ली (8 जुलाई): सौरव गांगुली आज 44 साल के हो गए। सौरव के बर्थडे पर हर कोई उन्हें बधाईयां दे रहे हैं। हो भी क्यों ना टीम इंडिया को दादा ने ही तो लड़ना और जीतना सिखाया है। भारतीय क्रिकेट को एक अलग पहचान दिलाने वाले कप्तान सौरव गांगुली के फैन्स आज उनका 44 वां बर्थडे मना रहे हैं। सामने वाली टीम की आंख में आंख डाल कर बात करने वाले दादा का जलवा आज भी बरकरार है, तभी तो उनके 44 वें बर्थडे पर उन्हें हर कोई बधाईयां दे रहे हैं।

सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट में कितनी अहमियत रखते हैं इसका एक नमूना हर किसी ने तब देखा जब दादा ने अपनी मर्जी से टीम इंडिया का कोच चुना। रवि शास्त्री की जगह सौरव ने अपने साथी खिलाड़ी अनिल कुंबले को अहमियत दी। क्योंकि सौरव को पता था कि शास्त्री की जगह अनिल कुंबले भारतीय टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होंगे।

वैसे भी टीम इंडिया का ये पूर्व कप्तान अपने अड़ियल रवैये, किसी कि ना सुनने वाले, दुश्मनों को उसी के अंदाज में जवाब देने और जीत के लड़ने की वजह से जाने जाते हैं। भला लॉर्ड्स की इस तस्वीर को कौन भूला सकता है। इंग्लैंड के खिलाफ जीत के बाद सौरव के इस अंदाज से हर कोई हैरान था। 

सिर्फ लॉर्ड्स ही क्यों साल 2003 का वर्ल्ड कप भला हिंदुस्तान कैसे भूला सकता है। टीम इंडिया सौरव की कप्तानी में फाइनल तक पहुंची। 2003 में खिताब से भले ही टीम इंडिया महरुम रह गई। लेकिन सौरव ने एक ऐसी टीम जरुर तैयार कर दी जिसे धोनी आगे लेकर गए और 2011 में सौरव के सपनों को धोनी ने साकार कर दिया।