'ज्यादा खुशी भी कर सकती है हार्ट-ब्रेक', डॉक्टरों की चेतावनी

 

नई दिल्ली (3 मार्च): बर्थडे या किसी और खुशी के मौके को सेलीब्रेट करना आज तक भले ही खतरनाक ना कहा जाता रहा हो, पर बहुत ज्यादा खुशी हार्टब्रेकिंग साबित हो सकती है। ऐसा खुद डॉक्टरों का कहना है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स पहले से ही बताते रहे हैं कि दुख के मौकों जैसे लाइफ-पार्टनर को खो देने जैसी घटनाएं 'ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम' की स्थिति पैदा कर सकते हैं। जिसमें हार्ट अटैक जैसा महसूस होता है, जिसका अगर तुरंत इलाज नहीं किया जाए तो यह घातक साबित हो सकता है।

'द टेलीग्राफ' की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार डॉक्टरों ने बताया है कि खुशी के मौकों पर ओवर-एक्साइटमेंट भी ऐसी हालत में पहुंचा सकती है। इस अवस्था को उन्होंने 'हैप्पी हार्ट सिंड्रोम' का नाम दिया है। सीधे शब्दों में कहें, तो खुशी भी हानिकारक हो सकती है।

ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम की पहली बार पहचान साल 1990 में की गई थी। तभी से स्विटज़रलैंड यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल, ज़्यूरिख के डॉक्टर्स दुनिया भर के अटैक्स का डेटाबेस तैयार कर रहे हैं। जिसमें 1750 मरीज़ों की जानकारियों को शामिल किया गया।

ज्यादातर अटैक्स घातक भावनात्मक कठिनाइयों की वजह से हुए। जिनमें दुख, डर और गुस्सा शामिल हैं। अंतिम संस्कार में शामिल होना इनमें कॉमन फैक्टर था। इसके अलावा एक घटना में एक मोटा शख्स बाथटब में फंस गया था।

जबकि, 20 लोगों की यह अवस्था खुशी और आनंद के मौकों पर हुई। जिनमें बर्थडे पार्टी, शादी, सरप्राइज़ फेयरवेल पार्टी सेलीब्रेशन, फेवरेट रग्वी टीम के गेम जीतने पर या पोते के जन्म आदि शामिल हैं।

अध्ययन की लेखक, रेजिडेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. जेलेना गादरी ने कहा कि डॉक्टरों को दुख के साथ खुशी के मौकों की भी पड़ताल करनी चाहिए, जब वे दिल की समस्याओं को डायग्नोज़ करें।