ये हैं दुनिया के सबसे खुश इंसान, 25 साल पहले आखिरी बार हुए थे दुखी

नई दिल्ली(1 जनवरी):  नया साल आपके लिए खुशियां लेकर आए। खुशियों को आप अपनी आदत बना सकें और बड़ी से बड़ी मुसीबत आने पर भी आप आसानी से उसका हल निकाल सकें और खुशी-खुशी साल 2017 बीत जाए। एक इंसान नए साल से क्या चाहता है। आमतौर पर यही सब। लेकिन आप खुश कैसे रहें सबसे बड़ा सवाल तो यही है। आपके इस सवाल का जवाब हैं मैथ्यू रिकार्ड।  

- यह शख्स दुनिया का सबसे खुश इंसान है और 25 साल पहले यानि कि 1991 में वह आखिरी बार दुखी हुए थे।

- इनकी खुशी से हैरान होकर अमेरिकन यूनिवर्सिटी ने इसका कारण जानने के लिए 12 साल तक रिसर्च किया। वो भी दिमाग में 256 सेंसर लगाकर।

- यूनाईटेड नेशन (UN) ने इनको धरती का सबसे खुशहाल इंसान भी माना है।

  - मैथ्यू ने बताया, 'मैं फ्रांस में पैदा हुआ। 1971-72 में लेकर अब तक मैं लगातार खुशी को अपनी आदत बनाने में लगा हूं। इन 45 सालों में मैंने खुद पर अलग-अलग रिसर्च कर खुश रहने के साइंटिफिक से लेकर अलग-अलग तरह के तरीके डेवलेप कर लिए हैं। यही मेरी लाइफ की सबसे बड़ी प्रॉपर्टी है।'

- बता दें, वैसे तो मैथ्यू खुश रहने के लिए मेडिटेशन से लेकर कई मुश्किल तरीके अपनाते हैं।

- 70 साल के मैथ्यु ने बताया, 'पहले वो आज के लोगों की तरह छोटी-छोटी बातों पर टेंशन में आ जाते थे। 1972 के करीब जब वो दार्जिलिंग आए तब उनके टीचर कांगयूर ने डे टू डे लाइफ में खुश रहना सीखाया। धीरे-धीरे वो आदत बनने लगी।'

- 'यही मेरी लाइफ का यूटर्न बना। इसके बाद मैंने फ्रांस छोड़कर दार्जिलिंग-नेपाल रहने का फैसला लिया।'

1991 में टीचर की डेथ पर आखिरी बार हुए थे दुखी

- प्रोफेशन से साइंटिस्ट और पीएचडी होल्डर मैथ्यू ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया, 'मुझे सबसे ज्यादा दुख 1991 में मेरे सबसे प्रिय टीचर और मुझे दुनिया का सबसे खुशहाल इंसान बनाने वाले इंसान Dilgo Khyentse Rinpoche की डेथ पर हुआ था। आखिरी बार मैँ तभी दुखी हुआ था।'

- हंसते हुए मजाक में उन्होंने कहा, 'फिलहाल तो मैं जो दुनिया का सबसे खुशहाल इंसान बन गया हूं, वो भी मेरे लिए अब दुख बन गया है। मैं जहां जाता हूं वहां लोग मुझसे मेरी खुशी का फॉमूला पूछने लगते हैं।'