हनुमान की मूर्ति नहीं हटेगी, बाकी ढांचे हटाओ : दिल्ली हाईकोर्ट

नई दिल्ली(25 नवंबर): दिल्ली के करोल बाग स्थित 108 फीट की हनुमान जी की मूर्ती को एयरलिफ्ट नहीं किया जाएगा। ऐक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी. हरिशंकर की बेंच ने सरकार से मूर्ति के इर्द-गिर्द मौजूद कुछ धार्मिक ढांचों को हटाने के लिए योजना बनाने के लिए कहा है। हालांकि, कोर्ट ने हनुमान मूर्ति को संरक्षण देने के साथ ही यह बात साफ कर दी कि इस मूर्ति के आसपास बने अनधिकृत धार्मिक ढांचों को कोई संरक्षण नहीं है।

- बेंच ने कहा, डीडीए ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों से मंदिरों को रीलोकेट करने से जुड़े कई प्रॉजेक्ट पर काम किया है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि पब्लिक लैंड पर अतिक्रमण कर रहे धार्मिक ढांचों को रीलोकेट नहीं किया जा सकता। अदालत करोल बाग और रिज एरिया में अतिक्रमण के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। 

- रिज एरिया में अतिक्रमण के संबंध में डीडीए के वकील ने बेंच को बताया कि अथॉरिटी ने 1,177 वर्ग गज जमीन वापस लेकर हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट को सौंप दी है।

- ऑटो डीलर बग्गा लिंक्स ने डीडीए की कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ नुकसान की भरपाई के संबंध में ही नोटिस मिला था। उनकी पार्किंग एरिया की दीवार को डीडीए ने ध्वस्त कर दिया है। याचिकाकर्ता की दलीलों से हाई कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ, फिर भी डीडीए और से इस पर 12 दिसंबर तक जवाब मांगा है।