आज है हनुमान जयंती, अनार अर्पण से खुश होते हैं बजरंगबली

नई दिल्ली (29 अक्टूबर): कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर अंजनी के लाल वीर हनुमानजी का जन्मोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धाभाव से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर हनुमान मंदिरों में विशेष सजावट के साथ ही हनुमानजी को नवीन चौला अर्पण, पौशाक, फूलों से श्रंगार और रामचरितमानस, सुंदकांड के सामूहिक पाठ और महामंत्रों सेअभिषेक पूजा-आरती के साथ ही छप्पन भोग के आयोजन पुजारियों व महंतों के सान्निध्य में आयोजित किए जाने का प्राविधान है।  हनुमान जयंती के विषय में  मत प्रचलित है कि हनुमानजी के जन्म लेने के बाद जब माता अंजनी देवी को निद्रा आ गई इस दौरान हनुमान जाग रहे थे और जन्मकालिक भूख तो उन्हें सता ही रही थी, इस पर वे उगते सूर्य की लालीमा देख फल समझ सूर्य को निगल गए। सभी ने ग्रहण मान लिया। जब पता चला कि यह राहू से न होकर किसी वानर से हुआ है। इस पर सभी देवों ने हनुमान नाम का वरदान देकर मान लिया। इस से यह सिद्ध होता है कि वास्तविक हनुमान जयंती पर्व कार्तिक कृष्णा चतुर्दशी पर ही मनाने का प्रावधान है।