एयरपोर्ट विवाद पर ओबामा ने सुनाई चीन को खरी-खरी

नई दिल्ली (4 सितंबर): जी-20 सम्‍मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा चीन पहुंचे। लेकिन यहां पहुंचते ही चीनी अधिकारियों और उनके स्टॉफ के बीच झड़प की खबरों ने जोर पकड़ लिया था। इस घटना से वैश्विक शिखर सम्मेलन की शुरुआत में खटास आ गई और ओबामा ने कहा कि इससे पता चलता है कि अमेरिका और चीन के मूल्‍यों के बीच कितना बड़ा अंतर है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया में ओबामा ने कहा कि इससे पता चलता है कि अमेरिका और चीन के मूल्‍यों के बीच कितना बड़ा अंतर है। इससे मानवाधिकार और प्रेस की आजादी जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के दृष्टिकोण के बीच का अंतर पता चलता है।

ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री टरीसा मे से बातचीत में भी ओबामा ने इस मुद्दे को उठाया। उन्‍होंने टरीसा से कहा कि चीन की तरफ से इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। उन्‍होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह महत्‍वपूर्ण है कि हम जो काम कर रहे हैं, उस तक प्रेस की पहुंच हो। उनके पास सवालों का जवाब देने की क्षमता है। जब हम इस तरह की यात्राओं पर जाते हैं तो अपने मूल्‍यों और आदर्शों को ताक पर नहीं रखते हैं।'

आपको बता दें कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा कमांडर इन चीफ के तौर पर चीन पहुंचे तो चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने शहर हंगझाओ के एयरपोर्ट पर एयरफोर्स वन उतरते ही अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस और व्हाइट हाउस के प्रेस कोर्प को भी कोई छूट नहीं दी गई।

हमेशा की तरह ओबामा जहां भी जाते हैं, उनके साथ चलने वाले पत्रकारों को बोइंग 747 के पंखों के नीचे लाया गया, ताकि वे राष्ट्रपति को विमान की सीढ़ियों से नीचे आते हुए देख सकें और तस्वीरें ले सकें, लेकिन चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने एक नीले रंग की रस्सी से उन्हें पीछे कर दिया।

व्हाइट हाउस की एक महिला अधिकारी ने यहां तैनात सुरक्षा अधिकारी से कहा कि यह अमेरिकी विमान है और अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। बस फिर क्या था सुरक्षा अधिकारी बिफर पड़ा। वह अंग्रेजी में चिल्लाया, 'यह हमारा देश है', 'यह हमारा एयरपोर्ट है।'

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ कर्मचारी बेन रोड्स ने राष्ट्रपति के करीब जाने की कोशिश की तो सुरक्षा अधिकारी इस बात से नाराज हो गया और सुसन राइस का रास्ता रोक दिया।