पाक जेल में हमिद पर हमला

नई दिल्ली(6 अगस्त): 4 साल से पाकिस्तान की जेल में बंद हामिद पर हमला हुआ है। हामिद अंसारी 2012 में गलती से चला गया था पाकिस्तान तीन साल की सजा काट चुका है। हामिद अंसारी साल 2012 में नौकरी के लिए पकिस्तान गया था। जहां फेसबुक के ज़रिये हामिद की दोस्ती एक पाकिस्तानी लड़की से हो गयी थी। और हामिद को कथित रूप से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।

- हामिद पर आरोप है कि वह साल 2012 में अवैध तरीके से अफगानिस्तान से पाकिस्तान गया था। ऐसा बताया जाता है कि वह एक लड़की से मिलने पाकिस्तान गया था जिससे हामिद की सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती हुई थी। पाकिस्तान जाने के बाद वह लापता हो गया था और बाद में गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पाकिस्तानी सैन्य अदालत में मुकदमा चलाया गया जिसमे उसे जासूसी करने का दोषी ठहराया और तीन साल की सजा सुनाई गयी।

- हामिद अंसारी की मां ने कहा,'मैं मानती हूँ की मेरे बेटे की गलती थी और हम क़ानून की कद्र भी करते हैं और मेरा बेटा 3 साल की सजा भी काट चूका है लेकिन अब तो 4 साल हो गए लेकिन पता नहीं क्यों अबतक मेरे बेटे को छोड़ नहीं रहे हैं।'

- उसके बाद हामिद अंसारी के माता-पिता ने पाकिस्तान की एक अदालत में उस समय याचिका दायर की जब उन्हें पता चला कि उनका बेटा पाकिस्तानी सेना की हिरासत में है। उसे पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट शहर में दोषी ठहराया गया था और पेशावर केंद्रीय कारागार में ट्रांसफर कर दिया गया था।

- हामिद के माता-पिता के मुताबिक़ सरकार के आला अधिकारियों और मंत्रियों से कई बार मुलाकात की और उन्हें रिस्पॉन्स बहुत पॉजिटिव मिला लेकिन अबतक बात नहीं बानी सिर्फ दिलासा ही दिया गया कि भारत सरकार उन्हें कानूनी रूप से मदद करेगी।

   -अब जब हामिद अंसारी के ऊपर पकिस्तान के जेल में हमले की बात सामने आयी है तो हामिद का परिवार बहुत चिंता में की उनके बेटे के साथ बहुत ज़्यादती हो रही है और उन्हें समझ नहीं आ रहा है की उनके बेटे पर इतने ज़ुल्म क्यों हो रहे हैं। जिस तरीके से अगर कोई विदेशी भारत में गलत तरीके से आकर क्राइम करता है तो दूसरे देश की सरकार महज कुछ महीने में ही अपने नागरिक को वापस बुला लेती है ठीक उसी तरह हमारी सरकार को भी तुरंत हारकर में आकर दखल देना चाहिए।

 

-हामिद की मां फौजिया के मुताबिक अगर उनका बेटा जासूस होता तो फेसबुक पर पाकिस्तान के लोगों को दोस्त क्यों बनाता और वहां जाने के लिए ऑफिशियली वीजा क्यों मांगता? हमें दोनों देशों की सरकारों पर भरोसा है। हम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुज़ारिश करते हैं की वो इसमें गंभीरता से दखल दें ताकि मेरा बेटा वतन लौट आये।