भिखारी हुआ पाकिस्तान, पैसों के कारण लटका सीपीईसी का काम

नई दिल्ली (13 नवंबर): दूसरे देशों के ऊपर पूरी तरह से निर्भर पाकिस्तान अब बिल्कुल भिखारी हो चुका है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि फंड की कमी के कारण चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का अहम हिस्सा लटक गया है।

इस प्रॉजेक्ट में 660 केवी हाई-वॉल्टेज डायरेक्ट कंरट (HVDC) ट्रांसमिशन लाइन बनाने का काम सुस्त गति का शिकार होकर एकतरह से ठप हो गया है। लाहौर से मतिआरी के बीच 878 किमी की यह ट्रांसमिशन लाइन सीपीईसी प्रॉजेक्ट का अहम हिस्सा है।

चीनी कंपनी ने पाकिस्तान के साथ फंड के मुद्दों से जुड़ा विवाद खड़ा होने के बाद इस लाइन पर काम को सुस्त कर दिया है। इस वजह से डायरेक्ट करंट आधारित पाकिस्तान का यह पहला प्रॉजेक्ट कमोबेश लटक गया है। खबरों के मुताबिक इस प्रॉदेक्ट को लेकर चीनी कंपनी और पाकिस्तान सरकार में मतभेद हो गया। सबसे अहम मतभेद फंड की कमी का है।  

पाकिस्तान सरकार की तरफ से लेटर ऑफ इंट्रेस्ट मिलने के बाद इस प्रॉजेक्ट की शुरुआत फरवरी में हुई थी। पाकिस्तान ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक चीनी कंपनी ने तीन मुद्दों की वजह के काम की रफ्तार को धीमा कर दिया है। एक मुद्दा फंड की कमी का है। दूसरे मुद्दे प्रॉजेक्ट के संचालन और रखरखाव से जुड़े हैं।