भारत को आशंका, फैसले से पहले कुलभूषण को हो सकती है फांसी

हेग (15 मई): नीदरलैंड के हेग में अंतर्राष्ट्रीय अदालत यानी CJI कुलभूषण जाधव को फांसी पर सुनवाई कर रही है. भारत 11 जजों की बेंच के सामने अपना पक्ष रख चुका है। थोड़ी देर बाद शाम करीब 6.30 बजे पाकिस्तान को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।भारत की ओर से सबसे पहले दीपक मित्‍तल ने कहा, जाधव को मार्च 2016 के बाद से बिना किसी कानूनी मदद के जेल रखा गया. भारत की ओर से पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्‍वे इस मामले को विस्‍तार से अंतर्राष्‍ट्रीय पटल पर रखा। भारत का पक्ष सुन लिया गया है अब पाकिस्‍तान की बारी है।


भारत को आशंका है कि सुनवाई पूरी होने से पहले ही उसके नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में फांसी दी जा सकती है। भारत के वकील हरीश साल्वे ने CJI में आज यह बात कही। साल्वे ने कहा कि जाधव को 3 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और जासूसी एवं विध्वंसक गतिविधियों के आरोपों में उन्हें सजा-ए- मौत सुनाई गई है। उनसे जब इकबालिया बयान दिलवाया गया ,तब वह पाकिस्तान की सैन्य हिरासत में थे। जैसे ही CJI में जाधव मामले की सुनवाई शुरू हुई, भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने पूरी दुनिया में  बुनियादी माने जाने वाले मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ा दी है। भारत ने CJI से कहा कि हम जाधव के लिए उचित कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं। संयुक्त राष्ट्र की मुख्य न्यायिक संस्था ने जाधव की मौत की सजा पर रोक लगा दी है।


भारत ने 8 मई को पाकिस्तान पर कूटनीतिक रिश्तों पर वियना कन्वेंशन का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए सजा-ए- मौत को तत्काल रोकने की अपील की और कहा कि पाकिस्तान ने जाधव की कूटनीतिक पहुंच के उसके 16 आग्रह ठुकरा दिए। भारत ने कहा कि 46 वर्षीय जाधव को राजनयिक मदद के सभी आग्रह अनसुना कर दिया गया। साल्वे ने अदालत से कहा कि मौजूदा परिस्थिति बहुत गंभीर है और यही कारण है कि भारत आईसीजे का हस्तक्षेप चाहता है। उन्होंने पाकिस्तान में जाधव के खिलाफ सुनवाई प्रक्रिया को ‘हास्यास्पद’ बताया और कहा कि पाकिस्तान ने अपने बेटे से मिलने के जाधव की मां के आग्रह का जवाब नहीं दिया।


न्यायाधीश ने अपनी शुरुआती टिप्पणियों में कहा कि भारत को अपना पक्ष रखने के लिए 90 मिनट के बाद भी एक संक्षिप्त विस्तार मिल सकता है। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के संबंध में भारतीय नागरिक जाधव को सजा-ए- मौत सुनाई थी। भारत ने 8 मई को उसके खिलाफ आईसीजे में अपील दायर की थी। अपील के अगले दिन आईसीजे ने सजा पर स्थगनादेश लगा दिया। CJI में की गई अपील में भारत ने कहा कि जाधव का ईरान से अपहरण कर लिया गया जहां वह भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद व्यवसाय कर रहे थे। बहरहाल भारत ने इस बात से इंकार किया कि उनका सरकार से कोई रिश्ता है। पाकिस्तान का दावा है कि उसने जाधव को अशांत बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया था।