भारत को हाफिज के खिलाफ पाक की कार्रवाई पर विश्वास नहीं: विकास स्वरूप

नई दिल्ली ( 31 जनवरी ): सोमवार रात पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद को नजरबंद कर आतंकवाद के खिलाफ अपना पक्ष स्पष्ट करने की कोशिश की। इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्त विकास स्वरूप का कहना है कि पाकिस्तान हाफिज सईद और अन्य की नजरबंदी पहले भी कर चुका है, आतंकी संगठनों पर ठोस कार्रवाई ही उसकी गंभीरता का सबूत होगी।

पाकिस्तान में हाफिज सईद पर नजरबंदी के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, 'सीमापार आतंकवाद में शामिल आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई से ही पता चल पाएगा कि पाकिस्तान आतंकियों और आतंकी घटना को लेकर कितना गंभीर है।'

स्वरूप ने कहा, 'भारत ने यूएनएससी के नियम 1267 के तहत तमाम आतंकी संगठनों, उनकी संपत्तियों और उससे जुड़े आतंकियों पर सख्ती करने की मांग की है।'हाफिज की नजरबंदी को लेकर स्वरूप ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई हम पहले भी देख चुके हैं। बता दें कि हाफिज सईद को नजरबंद करने की घटना पहली बार नहीं हुई है।

इससे पहले भी समय समय पर हाफिज सईद को नरजरबंद किया जा चुका है। इससे पहले 13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर हमले के आरोप में सईद को पाकिस्तान सरकार ने हिरासत में लिया था। हमले के आरोप में हाफिज को 2002 में रिहा कर दिया गया था। जिसके बाद उसे फिर 31 अक्टूबर 2002 को पाकिस्तान ने नजरबंद कर दिया था।

हटे जमात-उद-दावा के बैनर

सईद को सोमवार को उसके लाहौर स्थित मुख्यालय पर नजरबंद किया गया था। उसे उसके आवास पर स्थानांतरित कर दिया गया और इसके साथ ही पंजाब प्रांत में अधिकारियों ने इसे उप-जेल घोषित कर दिया है। इसके अलावा प्रांतीय अधिकारियों ने लाहौर की सड़कों से जमात-उद-दावा के बैनर हटाने भी शुरू कर दिए हैं।

शुरू हुआ प्रदर्शन

प्रांतीय गृह विभाग के आदेश पर जमात-उद-दावा के दफ्तरों पर पार्टी के झंडों के बजाय राष्ट्रीय झंडे फहराए गए हैं। सईद को उसके घर में ही नजरबंद कर दिए जाने पर उसके समर्थकों ने इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।

वीडियो से सामने आई हाफिज की बौखलाहट

नजरबंदी के बाद हाफिज सईद का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह कह रहा है कि पाकिस्तान सरकार ने बाहरी दबाव में उसे गिरफ्तार किया है। हाफिज ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच नई-नई दोस्ती हुई है और मोदी के इशारे पर अमेरिकी दबाव में हमें नजरबंद करके रखा गया है।"

कहा अमेरिका से कोई दुश्मनी नहीं

हाफिज ने कहा कि उसकी अमेरिका से कोई दुश्मनी नहीं है, वो तो कश्मीर मसले को लेकर संघर्ष कर रहा है और आगे करता रहेगा। उसने कहा कि पाकिस्तान की जनता उसके साथ है और उसने कभी कोई हिंसक कदम नहीं उठाया है, केवल कश्मीर मसले को लेकर भारतीय दबाव में उसे नजरबंद किया गया है।