दरगाह-ए-आला-हज़रत का फतवा, हाफिज सईद की तकरीर गैर इस्लामी

नई दिल्ली (18 अगस्त):  मुम्बई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ गुरुवार को एक फतवा जारी कर उसे इस्लाम से खारिज कर दिया गया है। यह फतवा दरगाह आला हजरत की संस्था मंजर-ए-इस्लाम सौदागरान के मुफ्ती मुहम्मद सलीम बरेलवी ने जारी किया। फतवे में सईद को मुसलमान मानने और उसकी बातों को सुनने को नाजायज बताया गया है। मुफ्ती मुहम्मद सलीम बरेलवी ने जयपुर के रहने वाले मुहम्मद मोइनुद्दीन नामक व्यक्ति द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में कहा है कि आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) के सरगना और मुम्बई हमलों के मुख्य गुनहगार हाफिज सईद का इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं है। मोइनुद्दीन ने 12 अगस्त को सवाल पूछा था कि सईद, अल्लाह और रसूल (मुहम्मद साहब) की शान में गुस्ताखी भरी पंक्तियों को सही ठहराते हुए उन्हें लिखने वालों को मुसलमान मानता है। साथ ही वह इस्लाम के खिलाफ विचारधारा का प्रचार करके लोगों को आतंकवादी घटनाएं करने के लिये उकसाता है।

उसने पूछा कि क्या ऐसे शख्स को मुसलमान कहा जाना चाहिये? मुफ्ती सलीम ने इस पर दिए गए फतवे में कहा कि अल्लाह और रसूल की शान में गुस्ताखी करने वालों से किसी भी तरह का ताल्लुक रखना नाजायज और हराम है, लिहाजा हाफिज सईद ऐसे लोगों से सम्बन्ध रखने की वजह से इस्लाम से खारिज हो चुका है। उसे मुसलमान मानना और उसकी बातों को सुनना भी नाजायज है। फतवे के मुताबिक सईद आतंकवादी विचारधारा रखने वाला ऐसा व्यक्ति है जो अपनी हरकतों से पूरी दुनिया में इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम तथा शर्मसार कर रहा है।