आतंकी हाफिज सईद पर नवाज हुए शरीफ, आतंक के लिए खुला छोड़ा

नई दिल्ली (17 अगस्त): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलूचिस्तान और पीओके का जिक्र क्या किया, पाकिस्तान और उसके पाले आतंकी बौखला गए हैं। मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और जमात उद दावा का प्रमुख हाफिज सईद एक बार फिर भारत के खिलाफ आग उगल रहा है। कराची में आतंकी हाफिज सईद ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल राहिल शरीफ से कहा कि वे पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के लंबित आदेश की पालना करने के लिए कश्मीर में सेना भेजे।

कराची में डिफेंस काउंसिल ऑफ पाकिस्तान की एक रैली को संबोधित करते हुए सईद ने कहा कि, विभाजन के बाद भारत ने जबरन जम्मू-कश्मीर में सेना भेज दी। इस पर कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने कमांडर इन चीफ को सैनिक भेजकर जवाब देने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने आदेश मानने से इनकार कर दिया। हाफिज सईद ने कहा, मैं जनरल राहिल शरीफ से जम्मू-कश्मीर में सैनिक भेजने की अपील करता हूं, क्योंकि कायदे आजम का वो आदेश लंबित है। हाफिज सईद ने पीएम मोदी के बलूचिस्तान बयान पर कहा, नरेंद्र मोदी बलूचिस्तान को अलग करने की बात करते हैं और हमारे प्रधानमंत्री चुप हैं।

नवाज शरीफ ने हाफिज सईद पर लगी पाबंदी हटाई - शरीफ सरकार ने सईद पर टीवी चैनलों पर दिखाए जाने पर लगी रोक को चुपके से हटा ली है।  - इसके बाद हाफिज पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगलता नजर आने लगा।  - जमात उद दावा के चीफ के खिलाफ ‘पाकिस्तान इलेक्ट्रानिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (PEMRA)’ भी चुप है।  - PEMRA ने पिछले साल नवंबर में तमाम टीवी चैनल्स को एक ऑर्डर जारी कर कहा था वे सईद पर कोई प्रोग्राम टेलिकास्ट न करें।  - सईद के साथ ही 60 और ऑर्गनाइजेशंस और व्यक्तियों को बैन की लिस्ट में रखा गया था।  - हालांकि, अब PEMRA बिल्कुल चुप है और माना जा रहा है कि शरीफ  सरकार के इशारे पर हाफिज सईद को कश्मीर मुद्दा उठाने की छूट दी गई है। 

हाफिज सईद... लश्कर-ए-तैयबा से जमात-उद-दावा

- आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक और जमात-उद-दावा का मुख्य सरगना है हाफिज सईद। - भारत की सर्वाधिक वांछित अपराधियों की सूची में शामिल है हाफिज सईद।  - 26/11 में हुए मुंबई हमलों का मास्टर माइंड है हाफिज सईद। - दुनिया में 'आंतकवाद के लिए जिम्मेदार' टॉप 10 आतंकियों में शामिल है हाफिज सईद। - उस पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है।  - मजे की बात यह है कि वह आजादी से पाकिस्तान में घूम रहा है और सार्वजानिक सभाओं को संबोधित करता है। - अरबी और इंजीनियरिंग का पूर्व प्राध्यापक सईद आज युवाओं को गुमराह कर आतंक की पाठशाला चलाता है। - 2002 में जमात-उद-दावा नाम का संगठन बनाया, जिसका मुख्य मकसद आतंकी तैयार करना था। - हाफिज ने यह संगठन तब बनाया था जब पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।  - हकीकत में हाफिज सईद ने लश्कर-ए-तैयबा का नाम बदलकर जमात-उद-दावा रख दिया। - वर्ष 2002 में पाकिस्तानी सरकार ने भी लश्कर पर प्रतिबंध लगा दिया था। - 9/11 हमले के बाद अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था।  - मुंबई आतंकी हमलों में उसकी भूमिका को लेकर भारत ने सईद के खिलाफ इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस जारी कर रखा है। - अमेरिका ने उसे विशेष निगरानी सूची में रखा है, बावजूद पाकिस्तान में खुलेआम तकरीरें करता है। - संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 26/11 हमलों के बाद जमात-उत-दावा को आतंकी संगठन घोषित किया था।  - मुंबई हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव को देखते हुए 11 दिसंबर 2008 को हाफिज सईद को गिरफ्तार कर लिया। - लेकिन पाकिस्तान सरकार ने लाहौर हाई कोर्ट के आदेश के बाद उसे 2009 में रिहा कर दिया गया। - पाकिस्तान में भी जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध है लेकिन वह आतंकवाद के लिए पैसा जुटाता है।

भारत में दिया आतंकी हमलों को अंजाम  - अफगानिस्तान में जिहाद का प्रचार करने के लिए हाफिज सईद ने 1985 में जमात-उद-दावा-वल-इरशाद की शुरुआत की।  - इसी जमात-उद-दावा-वल-इरशाद की लड़ाकू शाखा जो आतंकी गतिविधियों को अंजाम देती थी बनी लश्कर-ए-तैयबा। - शुरुआत में लश्कर, खूंखार तालिबानियों के साथ अफगानिस्तान में सक्रिय रहा। - 1990 के बाद जब सोवियत अफगानिस्तान से निकल गए तो उसने अपना मिशन को कश्मीर की तरफ मोड़ दिया।  - 1993 में जम्मू कश्मीर में पहले हमले के साथ लश्कर ए तैयबा ने भारत में अपनी खूनी दस्तक दी।  - लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में आतंकी प्रशिक्षण शिविर भी चलाता है।  - लश्कर-ए-तैयबा का लक्ष्य दक्षिण पूर्व एशिया में इस्लामिक राज्य की स्‍थापना करना और कश्मीर को आजाद कराना है।  - दी रिचेस्ट डॉट कॉम ने इस संगठन की सालाना कमाई करीब 100 मिलियन डॉलर (लगभग 61 अरब रुपए) के आसपास आंकी है।  - वेबसाइट ने अमीर आतंकी संगठनों की सूची में उसे छठें स्‍थान पर रखा है।  - लश्कर-ए-तैयबा की आमदनी का अधिकांश हिस्सा चंदों से आता है और जनावरों की खाल बेचने से आता है।  - जमात-उद-दावा पाकिस्तान में 2,500 दफ्तर के जरिए आतंकियों को तैयार कर रहा है। 13 दिसंबर 2001... भारत की संसद पर हमला 28 अक्टूबर 2005 .. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साईंस कैंपस, बैंगलोर में हमला  29 अक्टूबर 2005... दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट 7 मार्च 2006... वाराणसी में आतंकी हमला 11 जुलाई 2006... मुंबई की लोकल ट्रेन में सीरियल ब्लास्ट  25 अगस्त 2007... हैदराबाद के पार्क में धमाका