H-1B वीजा में बदलाव के लिए एक और बिल पेश

नई दिल्ली (4 मार्च): अमेरिका में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के 4 सांसदों ने एच-1बी और एल-1 वर्क वीजा में सुधार को लेकर बिल पेश किया है। इस बिल में विदेशी कंपनियों द्वारा एच-1बी वीजा नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने की प्रस्ताव है।विधेयक में एच-1बी और एल-1 वीजा प्रोग्राम्स में खामियों को दूर करने की मांग की गई है। इसके अलावा अमेरिकी एंप्लॉयीज और वीजा होल्डर्स को संरक्षण देने की भी मांग की गई है। इस बीच अमेरिकी सरकार ने भारत को भरोसा दिलाते हुए कहा कि एच-1बी वीजा नियमों को कड़ा करना उसकी प्राथमिकता में नहीं है। हालांकि यह ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन पॉलिसी के बड़े अजेंडे का एक हिस्सा रहेगा। अमेरिका की ओर से यह भरोसा ऐसे वक्त में दिलाया गया है, जब वहां एच-1बी वीजा का लेकर कार्यकारी आदेश जारी किए जाने पर बहस चल रही है और मीडिया में भी इसे प्रमुखता से जगह दी जा रही है।

विजिटिंग कॉमर्स सेक्रटरी रीता तेवतिया ने कहा...

- भारत के टेक सेक्टर का अमेरिका में योगदान महत्वपूर्ण है।

- अमेरिकी सरकार का कहना है कि एच-1बी वीजा का मुद्दा प्रमुखता में नहीं है।

- इमिग्रेशन के मुद्दे पर अमेरिका काम कर रहा है।

- अब तक इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है, इमिग्रेशन के बड़े एजेंडे का यह भी एक हिस्सा है।

H1B वीजा की प्रीमियम प्रॉसेसिंग हुई सस्पेंड...

अमेरिका ने H-1B वीजा की प्रीमियम प्रॉसेसिंग को सस्पेंड कर दिया है। ऐसे में याचिकाकर्ता I-907 फॉर्म नहीं भर पाएंगे। 3 अप्रैल, 2017 से यूएससीआईएस ने सभी एच-1बी वीजा की प्रीमियम प्रॉसेसिंग को सस्पेंड कर दिया है, यह निलंबन 6 महीने तक के लिए है।

क्या है H1B वीजा?

- H1B वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है, जिसके जरिए अमेरिकी कंपनियों को अपने टेक्निकल और अन्य एरिया में फॉरेन वर्कर्स को अपने यहां काम पर रखने की इजाजत है।

- अमेरिका भारतीयों के लिए हर साल 65 हजार H-1B वीजा जारी करता है।