H-1 वीजाः सिर्फ भारत के लिए ट्रंप इस तरह बदलेंगे अपना फैसला

नई दिल्ली (3 फरवरी): ट्रंप प्रशासन की तरफ से भारत से अमेरिका जाने वाले आइटी प्रोफेशनलों पर परोक्ष तौर पर प्रतिबंध लगाने के मामले में कुछ उम्मीद जगी है। एक तरफ अमेरिका से इस बात के संकेत मिले हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एच-1बी वीजा पर रोक लगाने का कोई प्रशासकीय फैसला नहीं करेंगे, बल्कि यह मामला कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के जरिये करवाने की कोशिश करेंगे। लिहाजा, भारत सरकार को उम्मीद है कि कांग्रेस में वहां भारतीय पक्ष का समर्थन करने वाले सांसदों की वजह से एच-1बी वीजा पर रोक लगाने की पहल लागू नहीं हो सकेगी। पहले भी इस तरह का प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस ने पारित नहीं किया है।

इस बाबत विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप कहा, 'इस तरह का बिल पहले भी तीन बार पेश किया गया है। कांग्रेस में वह पारित नहीं हो पाया। इस बार भी उम्मीद है कि यह कानून नहीं बन पाएगा। अभी शासकीय आदेश नहीं आया है, इसलिए सरकार अभी उस संभावना पर प्रतिक्रिया नहीं देगी।' हालांकि, भारत ने इस संभावित कदम पर अपनी चिंताओं से ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। स्वरूप के मुताबिक, जब राष्ट्रपति ट्रंप की प्रधानमंत्री से बात हुई थी तब भी भारत ने अपनी चिंताओं के बारे में बताया और विदेश सचिव एस. जयशंकर व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने जब ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की थी, तब भी इस पर चर्चा हुई।