बोरे में मिली चार लाशों की गुत्थी सुलझी

जावेद खान, ग्वालियर (1 मार्च): ग्वालियर में बोरे में मिली चार लाशों की गुत्थी सुलझती दिखाई दे रही है। पुलिस ने चार लाशों की शिनाख्त कर ली है। हालांकि इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।

पुलिस के मुताबिक शहर के जनकगंज, जीवाजी गंज और बहोड़ापुर इलाकों में जो चार शव मिले वो सभी एक ही परिवार के लोगों के हैं। इनमें दो महिलाओं के शव भी बरामद किए गए थे। उनमें एक महिला का नाम रिंकी गोस्वामी है जबकि दूसरी महिला की पहचान रिंकी की मां ईश्वरी देवी के तौर पर की जा रही है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। बताया जाता है कि रिंकी की शादी आगरा में हुई थी, लेकिन शादी के डेढ़ साल बाद उसका अपने पति से विवाद हुआ और वो ग्वालियर में रहने चली आई।

रिंकी के साथ उसका रिश्ते का एक फूफा भी रहता था, जिसके बाद उसका अक्सर झगड़ा हुआ करता था। रिंकी ने फूफा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। रिंकी के फूफा पूरन के जेल जाने के बाद उसके भांजे, लड़के और उनके साथी विजय ने दोनों महिलाओं को बात करने के लिए बुलाया। शक जताया जा रहा है यही पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। शुरुआती जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पहले महिलाओं को पीटा गया और फिर उन्हें मौत के घाट उतारकर लाश को बोरे में बंद कर फेंक दिया गया। लाशों के टूटे हाथ-पैर इस बात की तस्दीक कर रहे हैं।

कातिलों ने मासूमों को भी नहीं बख्शा और उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने लाशों को करीब दो से ढाई किलोमीटर के इलाके में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया, लेकिन बोरों की पड़ताल के बाद पुलिस को हत्यारे के कुछ सुराग हासिल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक इस पूरी वारदात को 24 घंटे के भीतर अंजाम दिया गया। वारदात के आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है।