पाकिस्तानी आतंकियों के बड़े हमले को नाकाम किया था गुरनाम ने

नई दिल्ली (23 अक्टूबर):19 अक्टूबर की रात जम्मू के हीरानगर सेक्टर के बोबिया पोस्ट पर गुरनाम तैनात था। गुरनाम की नजर सरहद पर हो रही हलचल पर पड़ती है। 150 मीटर कुछ धुंधले चेहरे दिखने लगते हैं। बिना देर किए गुरनाम अपने साथियों को अलर्ट करता है। दोनों ओर से गोलाबारी हुई और बाद में आतंकी वापस भाग खड़े हुए।गुरनाम की वज़ह से पाकिस्तान की एक बड़ी चाल नाकाम हो चुकी थी। नाकामी से बौखलाये पाकिस्तानी रेंजरों ने गुरनाम की निशानदेही कर ली थी। 21 अक्टूबर को सुबह नौ बजकर पैंतीस मिनट पर रेंजर्स ने बदला लेने के ख्याल से स्नाइपर रायफल्स से उस पर फायर किया। स्नायपर की एक गोली गुरनाम को लगी जिससे उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई थी। बीएसएफ का कहना है कि था अगर जम्मू के अस्पताल में गुरनाम की हालत नहीं सुधरी तो उसे दिल्ली के किसी भी अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ सकता है लेकिन इससे पहले ही गुरनाम ने जिंदगी का साथ छोड़ दिया।