खट्टर सरकार ने गुड़गांव का नाम बदलकर किया गुरु ग्राम

मोहित मल्होत्रा, मनु मेहता, नई दिल्‍ली (12 अप्रैल): साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुड़गांव अब गुरु ग्राम कहलाएगा, जबकि मेवात का नाम बदलकर नूंह किया है। आज हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने ये फैसला लिया है। गुड़गांव हरियाणा के सबसे बड़े शहरों में से एक है, जहां तकरीबन 1.7 मिलियन आबादी निवास करती है। गुड़गांव हरियाणा का ओद्योगिक और वितीय केंद्र है।

मिलेनियम सिटी और साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुड़गांव को अब गुरु ग्राम कहा जाएगा। जो शहर प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में तीसरे नंबर पर है। जहां फॉर्च्यून 500 कंपनियों में से आधे के एक दफ्तर जरूर हैं। जहां कार से लेकर कोल्ड़ड्रिंक तक सॉफ्टवेयर से लेकर रिटेल तक की नामी कंपनियों के दफ्तर हैं, उस गुड़गांव को अब गुरु ग्राम कहा जाएगा।

गुड़गांव का नाम क्यों गुरुग्राम रखा गया, इसकी वजह अब हम आपको बताते हैं: अब क्यों गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम किया गया। इसकी कहानी भी सुनिए। प्राचीन हिंदू पौराणिक कथाओं में गुड़गांव का उल्लेख एक महत्वपूर्ण नगर के रूप मे मिलता है। इसका पौराणिक नाम गुरुग्राम ही बताया जाता है। गुरु यानी द्रोणाचार्य, गुरु ग्राम यानी द्रोणाचार्य का गांव। मान्यता है कि महाभारत काल में युधिष्ठिर ने द्रोणाचार्य को ये गांव उपहार में दिया था। इसी कारण पहले इसका नाम गुरु ग्राम पड़ा, बाद में गुरु गांव और फिर गुड़गांव हो गया था।

संघ के प्रचारक रहे मनोहर लाल खट्टर की सरकार भले गुड़गांव का नाम बदलने के इस फैसले को संस्कृति से जोड़कर बताए। लेकिन ये तय है कि इस पर विवाद भी होगा।