यहां पर स्मार्टफोन से भी सस्ती है बंदूक...

दारा (28 जुलाई): भारत में अवैध रूप से हथियार रखने वालों के लिए कड़ा कानून है। इसी के साथ वैध तरीके से हथियार का लाइसेंस बनाना भी आसान नहीं है। लेकिन हमारी पड़ोसी पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर हिस्से में एक इलाका हथियार और गोला बारूद का सबसे बड़ा काला बाजार है। यहां पर कालाशनिकोव रायफल के लिए प्रयोग की जाने वाली धातु यहां एक स्मार्टफोन से भी सस्ती है।

पेशावर शहर के दक्षिण में यह इलाका तकरीबन 35 किलोमीटर क्षेत्र में फैली पहाड़ियों से घिरा है। यही नहीं दशकों से ये इलाका आपराधिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। तस्कर हो या ड्रग्स रैकेट चलानेवाले हों सभी का ये पसंदीदा इलाका है। चोरी की कार से लेकर फर्जी यूनिवर्सिटी डिग्री तक यहां मिलती है।

1980 में बढ़ा हथियारों का व्यापार: रूस से लगने वाली सीमाओं की रक्षा के लिए मुजाहिद्दीन ने अफगानिस्तान के लिए इस इलाके से हथियार खरीदना शुरू किया था। बाद में यह इलाका पाकिस्तानी तालिबान का गढ़ बन गया। इस समूह ने अपने नियम और कानून बनाए। 2009 में पोलिश इंजीनियर की हत्या के बाद ये संगठन और खूंखार हो गया था। दारा में बनी हुई बंदूक 125 डॉलर तक में बेची जा सकती है। साथ ही एक स्मार्टफोन से भी सस्ती होती हैं ये बंदूकें।