कतर पर प्रतिबंध के बाद वहां रह रहे भारतीयों को होगा ये नुकसान

नई दिल्ली (5 जून): खाड़ी के देशों ने कतर के साथ अपने संबंधों को खत्म करने की घोषणा कर दी है। इसमें सउदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन जैसे देश शामिल है। इन देशों का आरोप है कि कतर इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे संगठनों का समर्थन करता है।


प्रवासियों के मुल्क कतर में सबसे ज्यादा प्रवासी लोगों की संख्या भारत से गए लोगों की है। कतर पर पाबंदी लगने के बाद साफ है कि उनके हित भी प्रभावित होंगे। कतर में बसे भारतीयों में से काफी लोग ऐसे भी हैं जो कतर में व्यापार करते हैं और वो अन्य खाड़ी मुल्कों सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और मिश्र में भी फैला हुआ है। ऐसे में अब उन लोगों के सामने दिक्‍कतें खड़ी हो सकती हैं। 


कतर में सबसे ज्यादा भारतीय प्रवासी रहते हैं। ऐसे में गल्फ देशों द्वारा कतर से रिश्ता तोड़ने का असर वहां रह रहे भारतीयों पर भी पड़ेगा। अब कतर में रहने वाले भारतीयों को यूएई जाने के लिए मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। कतर में रहने वाले भारतीयों को कतर से पहले किसी अन्य देश जाना होगा, फिर वहां से यूएई की फ्लाइट पकड़नी होगी।


इसी के साथ कतर में जो भी भारतीय रहते हैं और उनका बिजनेस दूसरे खाड़ी देशों में फैला है तो वह भी इस फैसले से 

प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि अभी खाड़ी देशों ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है, जिसमें यह कहा जा सके कि कतर से रिश्ते रखने वाले दूसरे देशों से उनके संबंध प्रभावित होंगे या नहीं।