कतर विवाद: खाड़ी देशों ने दिलाया भरोसा, सुरक्षित हैं प्रवासी भारतीय

दिल्ली ( 10 जून): भारत ने शनिवार को जानकारी दी कि कतर के मुद्दे पर खाड़ी देशों ने भारतीयों के कुशल होने का भरोसा दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इन देशों के नियमित संपर्क में है।

बता दें कि हाल ही में सऊदी अरब और कुछ अन्य देशों ने कतर पर आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए राजनयिक रिश्ते तोड़ लिए हैं। कतर के समर्थन में तुर्की ने सेना भेजने की पेशकश की है, जिसके बाद से वहां तनाव बढ़ गया है।

कतर के हालात पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को अपना बयान जारी किया। भारत ने कहा है कि हम खाड़ी क्षेत्र के उभरते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। हमारा मानना है कि सभी पक्षों को अपने मतभेद सकारात्मक बातचीत के जरिए सुलझाने चाहिए। शांति के माहौल में होने वाली यह बातचीत अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के मुताबिक होनी चाहिए। इसमें एक-दूसरे को सम्मान और सार्वभौमिकता का ख्याल रखा जाना चाहिए। दूसरे के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए।

भारत ने कहा है कि हमारा मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में प्रगति और समृद्धि के लिए शांति और सुरक्षा कायम रहना काफी जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, चरमपंथी हिंसा और धार्मिक असहिष्णुता ना सिर्फ क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा है बल्कि यह दुनिया भर की शांति और व्यवस्था के लिए भी खतरा है। इसका सभी देशों को मिलकर तालमेल के साथ और व्यापक तरीके से मुकाबला करना चाहिए।

भारत ने कहा कि गल्फ कोऑपरेशन कमिटी के देशों के साथ भारत के लंबे समय से दोस्ताना रिश्ते रहे हैं। करीब 80 लाख प्रवासी भारतीय प्रवासी वहां रहते हैं और रोजगार पाते हैं। इस क्षेत्र की शांति और स्थिरता से भारत के अहम हित जुड़े हैं। इसी विषय में सरकार इस देश के इस क्षेत्र के देशों के साथ नियमित संपर्क में है। उनके अधिकारियों ने भारतीय समुदाय को अच्छी तरह से रखने में लगातार साथ का भरोसा दिलाया है।

बयान के मुताबिक, इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे मदद की जरूरत होने पर भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें और उभरते हालात के प्रति सजग रहें।