बीजेपी-पीडीपी की सरकार रहते कश्मीर में शांति नहीं हो सकती: गुलाम नबी



नई दिल्ली(24 अप्रैल): कश्मीर में बीते कुछ महीनों से फैली अशांति के बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। पीएम से मुलाकात के बाद मुफ्ती ने कहा कि केन्द्र सरकार को हुर्रियत से बात करनी चाहिए। महबूबा ने कहा है कि केन्द्र सरकार को अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों पर आगे बढ़ना चाहिए। महबूबा ने कहा है कि सरकार को अपने लोगों से बात करने चाहिए। महबूबा और पीएम की मुलाकात पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी-पीडीपी की सरकार रहते कश्मीर में शांति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि राज्यपाल शासन को हल नहीं है। उनको अपना तरीका बदलना चाहिए।


- करीब आधे घंटे तक चली इस मीटिंग में कश्मीर में पत्थरबाजी की बढ़ती घटनाओं के साथ ही राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन को बचाने पर भी बातचीत हुई। मोदी के बाद मुफ्ती ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात के बाद दो-तीन महीने में घाटी के हालात बदलने का भरोसा दिलाया।


- मुफ्ती ने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए बताया कि कश्मीर में अचानक बढ़े पथराव की घटनाओं, उपचुनाव में कम मतदान और हिंसा पर पीएम से बातचीत हुई। इसके अलावा, पार्टियों के गठबंधन के अजेंडे, सिंधु जल समझौते की वजह से राज्य सरकार को होने वाले नुकसान पर भी चर्चा हुई।


- मुफ्ती ने कहा कि घाटी में हालात सामान्य करने के लिए एक माहौल पैदा करना होगा। पथराव के जवाब में गोली से हालात सुधरने वाले नहीं हैं। मुफ्ती ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए घाटी के हालात सुधारे जा सकते हैं। बीजेपी और पीडीपी के बीच मतभेद के सवालों पर महबूबा ने कहा कि इसे बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में गवर्नर रूल पर फैसला केंद्र को करना है।