गुजरात: नौकरी के विज्ञापन में 'सामान्‍य वर्ग' को मिली प्राथमिकता, मचा बवाल

अहमदाबाद (24 जून): गुजरात के अहमदाबाद में नौकरी के एक विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सफाई कर्मी की नौकरी के इस विज्ञापन में सामान्य वर्ग या सवर्ण जाति के लोगों को प्राथमिकता दी गई है। 

सेंट जेवियर्स कॉलेज ने ये विज्ञापन दिया है, लेकिन ब्राह्माण समाज का एक संगठन इसके विरोध में उतर आया है। इसको लेकर उन्होंने कॉलेज परिसर में हंगामा किया है। सफाई कर्मी की नौकरी के लिए खासकर सवर्ण जाति का उम्मीदवार चाहिए। 

अहमदाबाद के सेंट जेवियर्स कॉलेज ने ये विज्ञापन क्या निकाला। ब्राह्माण समाज के लोग आग बबूला हो गए और फिर जो कुछ हुआ। वो तस्वीरों से समझा जा सकता है। ब्राह्माण समाज से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध किया और कॉलेज परिसर में जमकर तोड़फोड़ की।

दरअसल इस विज्ञापन में सफाई कर्मी के नौकरी के लिए सामान्य वर्ग या सवर्ण जाति के लोगों को प्राथमिकता दी गई है। इसमें लिखा गया है कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, बनिया, पटेल, जैन, सैयद, पठान, सीरियन ईसाई और पारसी आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

ये विज्ञापन अहमदाबाद के सेंट जेवियर्स कॉलेज परिसर की सेंट जेवियर्स नॉन फॉर्मल एजुकेशन सोसायटी के ह्यूमन डेवलपमेंट एंड रिसर्च सेंटर ने जारी किया है। अब तक नौकरी के किसी विज्ञापन में इस तरह किसी खास जाति को प्राथमिकता देने का मामला सामने नहीं आया है। कॉलेज प्रबंधन भी इसमें कुछ गलत नहीं मानता।

कॉलेज प्रबंधन चाहे जो दलील दे लेकिन सवर्ण जाति के लोग इसे मानने को तैयार नहीं हैं। वो इसे भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बता रहे हैं और इसे हटाने की मांग पर अड़े हैं। इसको लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है। अब पुलिस मामले का संज्ञान ले रही है। हालांकि अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।