ये कैसा डिजिटल इंडिया : गुजरात के एक गांव में कुंवारी लड़कियों के मोबाइल रखने पर बैन

अहमदाबाद  (19 फरवरी) :  मोदी सरकार बेशक डिजिटल इंडिया पर बहुत ज़ोर दे रही है लेकिन गुजरात में प्रधानमंत्री के गृह ज़िले मेहसाणा का एक गांव ऐसा भी है, जहां कुंवारी लड़कियों के पास मोबाइल रखने पर बैन लगा दिया गया है। यदि किसी लड़की के पास से मोबाइल मिलेगा तो 2100 रुपये जुर्माना का प्रावधान है।

सूराज गांव में खाप पंचायत जैसा फरमान सुनाते हुए कहा गया कि यदि कोई किसी कुंवारी लड़की के पास मोबाइल पकड़वाता है तो उसे 200 रुपए इनाम दिया जाएगा।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सूराज गांव सरपंच देवशी वनकर का कहना है, इन लड़कियों को मोबाइल की ज़रुरत क्या है। इंटरनेट हम जैसे मध्यम वर्ग के लोगों के लिए समय और पैसे की बर्बादी है। लड़कियों को अपना समय पढ़ाई और अन्य कामों में लगाना चाहिए।  

इस फरमान के लिए सिर्फ एक अपवाद रखा गया है कि अगर कोई रिश्तेदार लड़की से बात करना चाहता है तो उसके माता-पिता इस बातचीत के लिए लड़की को सौंप सकते हैं।

वनकर का कहना है कि गांव की 2500 लोगों की पूरी आबादी ने इस फैसले का स्वागत किया है। इस आबादी में सभी जातियों के लोग हैं।

सुराज गांव ने ये प्रतिबंध 12 फरवरी को लगाया। अब इसके उत्तरी गुजरात के और हिस्सों में भी फैलने की संभावना है। दरअसल गुजरात में राजनीतिक रूप से प्रभावी ठाकोर समुदाय ने इस मुहिम को शुरू किया है। इन्हें राबड़ी और वांकर जैसे ओबीसी समुदायों का भी समर्थन हासिल है।