भारत में सबसे ज्यादा समय तक जीते हैं गुजराती

अहमदाबाद (5 नवंबर): गुजरात के लोगों की औसत आयु देश की औसत आयु से ज्यादा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात के लोगों की जीवन प्रत्याशा 68.7 साल है जो पूरे देश से 0.8 साल ज्यादा है। ये रिपोर्ट साल 2010 से 2014 के बीच मृत्यु पर हुए अध्ययन के बाद सामने आई है। इतना ही नहीं अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि महिला की जीवन प्रत्यशा, पुरुष के मुकाबले ज्यादा होती है। सेंसर ऑफ इंडिया की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक पुरुषों की जीवन प्रत्याशा जहां 66.6 साल है वहीं महिलाओं की जीवन प्रत्याशा 71 साल है।

गुजरात के स्वास्थ्य कमिश्नर जेपी गुप्ता के मुताबिक किसी भी राज्य के स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती का मानक वहां के लोगों की जीवन प्रत्याशा होती है। गुप्ता ने बताया कि जीवन प्रत्याशा कुछ चीजों पर निर्भर करती है जिसमें स्वास्थ्य और बेहतर जीवन शैली शामिल है। गुजरात में हर साल 12 लाख बच्चों का जन्म होता है और नवजात बच्चों को मिलाकर करीब 4 लाख की मौत होती है। उन्होंने कहा कि सरकार शिशु मृत्यु दर के आंकड़े से चिंतित है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस आंकड़े में कमी आयी है और शिशु मृत्यु दर प्रति 1000 पर 36 से घट कर 30 पर आ चुका है। साथ ही उन्होंने कहा किसरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है कि यह आंकड़ा और कम हो।

आंकड़ों के अनुसार राज्य के पुरुषों की जीवन प्रत्याशा में बढ़ोतरी 1970-75 और 2010-2014 के बीच 0.43 थी हालांकि महिलाओं में यह 0.54 थी। आंकड़ो के मुताबिक 1985 में शिशु मृत्यु दर जो 100 के ऊपर थी उसमें काफी गिरावट आई है। बीते 13 सालों में शिशु मृत्यु दर 62 (वर्ष 2000 )से 36 (वर्ष 2013)पर आया है। अधिकारियों का कहना है कि शिशु मृत्यु दर में कमी सरकारी योजनाओं के कारण आई है।