आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट पहुंची गुजरात सरकार

अहमदाबाद (9 अगस्त): गुजरात हाई कोर्ट द्वारा राज्य सरकार के आर्थिक रूप से पिछड़े (ईबीसी) लोगों को 10 फीसदी आरक्षण के निर्णय को असंवैधानिक करार दिए जाने के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। राज्य सरकार ने ईबीसी को आरक्षण दिए जाने के निर्णय को जारी रखने की गुहार लगाई है। मामले की सुनवाई 16 अगस्त को होगी।

उच्च न्यायालय ने गत 4 अगस्त को राज्य सरकार के आर्थिक आरक्षण के निर्णय को अनुचित बताते हुए इस संबंध में जारी अधिसूचना खारिज कर दी थी। हालांकि न्यायालय ने राज्य सरकार की ओर से इस फैसले पर दो सप्ताह की रोक लगाने की गुहार मान्य रखी थी।

उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने कहा था कि कि किसी भी स्थिति में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकती है। इस संबंध में राज्य सरकार का किसी वैज्ञानिक डाटा या अध्ययन के बिना अध्यादेश जारी करना अनुचित है। राज्य सरकार के इस निर्णय को आरक्षण की बजाय वर्गीकरण बताना उचित नहीं है।

राज्य सरकार ने गत 1 मई को स्थापना दिवस के अवसर पर अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) व अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के अलावा आर्थिक रूप से पिछड़े (ईबीसी) लोगों को दस फीसदी आरक्षण दिए जाने का अध्यादेश जारी किया था। इसके तहत छह लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले परिवार के लोगों के लिए सरकारी नौकरियों व शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की बात कही गई थी।