केरल की तरह गुजरात में भी लगेगा फैट टैक्स

गांधीनगर (19 जुलाई): केरल सरकार की तर्ज पर गुजरात सरकार ने बर्गर, पिज्जा और दूसरे जंक फूड बेचने वाले रेस्त्रां पर 14.5 प्रतिशत की दर से फैट टैक्स (मोटापा कर) लगाने का फैसला किया है।

सरकार ने जंक फूड पर टैक्‍स लगाने के पीछे तर्क दिया है कि इससे वह प्रिवेन्टिव हेल्थकेयर के लिए पैसा जुटाएगी। राज्य के वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक कई यूरोपीय देशों जैसे डेनमार्क और हंगरी में जंक फूड पर फैट टैक्स लगाया गया है। ताकि लोग जंक फूड से दूर रहे और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर के लिए पैसा जुटाया जा सके।

गुजरात में भी जंक और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक फूड का उपभोग बहुत ज्यादा है। फैट-टैक्स का उपयोग जंक फूड के प्रति लोगों में जागरूकता जगाने के लिए भी किया जा सकता है। इससे पहले सरकार केरल और अन्य मॉडल्स का अध्ययन करेगी ताकि यह निर्णय लिया जा सके कि फैट-टैक्स को अगले वित्त वर्ष से लागू करना है या नहीं। इसलिए हो सकता है कि फैट-टैक्स को लेकर हमारे पास विशेष प्रावधान हो, या फिर यह मौजूदा टैक्स संरचना में भी संभव हो। हम इन सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं।

केरल सरकार के इस फैसले के विरूद्ध कई संगठनों का विरोध चल रहा है। वही गुजरात में भी इस फैसले के विरुद्ध का विरोध होने की संभावना जताई जा रही है।