कांग्रेस ने मोदी को घेरा: आनंदीबेन की बेटी को कौड़ियों में ऐसे मिली जमीन!

भूपेंद्र सिंह, अहमदाबाद (5 फरवरी): भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा नारा देते हैं- 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा'। लेकिन अब करप्शन के मामले में ही कांग्रेस ने सीधे मोदी को घेरा है। मोदी के गुजरात सीएम रहते हुए जमीन आवंटन पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। मौजूदा मुख्यमंत्री आनंदी बेन की बेटी अनार पटेल के बिजनेस पार्टनर को सवा सौ करोड की जमीन डेढ करोड़ में देने का आरोप लगाया है।

दरअसल, गुजरात के प्रसिद्ध गिर के इलाके के पास रिसार्ट बनाने के लिए 400 एकड़ जमीन सिर्फ 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से दी गई। इतनी सस्ती डील गुजरात के दूसरे जिलों में किसी को शायद ही मिली हो, जितनी की आरोप है कि मरेली जिले में मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल की बेटी अनार पटेल और उनके व्यावसायिक सहयोगियों को मिली। जमीन भी ऐसी की जिसे सोना कहा जाए तो गलत न होगा। गिर लॉयल सेंचुरी के ठीक सामने जहां से गुजरात के गीर शेरों का नजारा बड़ी आसानी से लिया जा सकता है।

अनार पटेल की मां इस वक्त तो गुजरात की मुख्यमंत्री हैं, लेकिन कहानी तब की है जब वे गुजरात की राजस्व मंत्री थीं, और मुख्यमंत्री थे मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। आरोप है कि साल 2011 में अनार पटेल Wildwoods Resorts and Realities के प्रोमोटर्स दक्षेस और अमोल की पार्टनर बनीं। 

इसके बाद इस कंपनी को गुजरात सरकार की तरफ से 250 एकड़ पब्लिक लैंड आवंटित कर दी गई। बाद में राज्य सरकार ने Wildwood को 172 एकड़ कृषि भूमि खरीदने की इजाजत भी दी और उसका लैंड यूज भी साल 2013 में बदलकर व्यावसायिक कर दिया। दिलचस्प ये है कि राजस्व मंत्रालय इस दौरान भी आनंदी बेन के पास था और आज भी मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने इस मंत्रालय को अपने पास ही रख रखा है।

भ्रष्टाचार के भयंकर आरोपों को झेलने के बाद सत्ता से बेदखल हुई कांग्रेस ने मुद्दे को हवा देने में देरी नहीं की। निशाने पर थे प्रधानमंत्री मोदी और उनका दावा कि परिवारवाद में उनका कोई यकीन नहीं।

दिलचस्प यह भी है कि गुजरात के अमरेली जिले में रिसार्ट बनाने के लिए गीर के पास आवंटित इस जमीन पर आजतक कोई रिसार्ट नहीं बनाया गया है। उसकी वजह ये है कि अनार और उनके बिजनस पार्टनर की कंपनी को आजतक रिसार्ट बनाने का कोई अनुभव ही नहीं है। 

कांग्रेस चाहती है कि मसले की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी करे और जांच तक आनंदी बेन गुजरात की मुख्यमंत्री के पद पर न रहें।