ग्राहकों को दी गई फ्री सेवाओं पर अब बैंक वसूलेंगे जीएसटी !

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (30 नवंबर): अगर आपका मिनिमम अकाउंट बैलेंस खाता है तो ये खबर खासतौर से आपके लिए ही है। जी हां, बता दें कि ग्राहकों को 'मुफ्त में दी गई सेवा' पर टैक्स चुकाने के आसार को देखते हुए एसबीआई,आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, पीएनबी और एक्सिस बैंक इसका बोझ ग्राहकों पर डालने की तैयारी कर रहे हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि  पिछले दो महीने में टैक्स डिपार्टमेंट ने इस प्रकरण को लेकर बैंकों को प्रिलिमनरी नोटिस जारी किए थे। इनकी वजह से बैंक चेक बुक, अडिशनल क्रेडिट कार्ड, अडिशनल एटीएम यूज, फ्यूल रिफंड सरचार्ज पर मंथली या तिमाही आधार पर 18 पर्सेंट का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लग सकता है। ये अप्रैल के नोटिस से अलग हैं। अप्रैल में जो नोटिस जारी किए गए थे, उनमें सर्विस टैक्स और पेनल्टी के तौर पर सभी बैंकों से 40 हजार करोड़ की मांग की गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के सीईए वी जी कन्नन ने कहा, 'अधिकतर बैंक जीएसटी का बोझ ग्राहकों पर डालने की सोच रहे हैं। इसमें से एक भी पैसा बैंक अपने पास नहीं रखेंगे और टैक्स से जो भी रकम आएगी, वह सीधे सरकार के पास जाएगी।' उन्होंने बताया, 'कस्टमर से कितना चार्ज लिया जाएगा, यह बैंकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। यह इस पर निर्भर करेगा कि फ्री सर्विस की वैल्यू क्या निकाली जाती है।'

गौरतलब है कि बैंक ग्राहकों को अलग-अलग तरह के बैंक अकाउंट ऑफर करते हैं। उसमें हर अकाउंट पर कुछ खास तरह की सेवाएं दी जाती हैं। इसके लिए एक शर्त मिनिमम एकाउंट बैलेंस मेंटेन करने की होती है। जो ग्राहक इस बैलेंस को मेंटेन करते हैं, उन्हें कुछ फ्री सर्विसेज मिलती हैं।