सरकार के इस फैसले से आसान हुआ GST

नई दिल्ली (31 जुलाई): जीएसटी पर राज्य और केंद्र सरकार के बीच चला आ रहा घमासान अब खत्म होने की कगार पर है, क्योंकि टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार द्वारा एक प्रतिशत के अतिरिक्त इंटरस्टेट टैक्स को हटाने के प्रस्ताव से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) आसान होगा और भ्रम की स्थिति भी खत्म हो जाएगी।

राज्यसभा में इस सप्ताह आजादी के बाद देश के सबसे बड़े अप्रत्यक्ष कर सुधार पर चर्चा होगी। इसके बीच सरकार ने प्रमुख विपक्षी दल की वस्तुओं की अंतरराज्यीय आवाजाही पर एक प्रतिशत के अतिरिक्त कर को हटाने की मांग स्वीकार कर ली है। इसके अलावा राज्यों को पहले पांच साल तक पूरे राजस्व नुकसान की भरपाई करने पर भी सहमति बनी है।

विश्लेषकों का मानना है कि जीएसटी से देश की आर्थिक वृद्धि दर में दो पर्सेंट का इजाफा होगा। केपीएमजी के भागीदार एवं प्रमुख (अप्रत्यक्ष कर) सचिन मेनन ने कहा कि जीएसटी में किए गए बदलावों से सरकार की इस विधेयक को पेश करने की प्रतिबद्धता का पता चलता है। उन्होंने कहा, 'उम्मीद है कि हमारे प्रतिनिधि राष्ट्र को आगे रखते हुए जिम्मेदारी वाले व्यवहार के साथ जीएसटी विधेयक को पारित कराएंगे।'