जानें, जीएसटी से क्या होगा सस्ता, क्या होगा महंगा...

नई दिल्ली (20 मई): जीएसटी काउंसिल ने सर्विसेज पर 4 अलग-अलग टैक्स स्लैब लगाने का फैसला किया है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर नए टैक्स सिस्टम में भी कोई टैक्स नहीं लगेगा, जबकि कुछ सेवाएं सस्ती होंगी तो कुछ महंगी हो सकती हैं।


काउंसिल ने दूरसंचार, बीमा, होटल और रेस्तरां सहित विभिन्न सेवाओं के लिए 4 दर स्लैब 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत टैक्स लगाने का फैसला किया है। सरकार जीएसटी को 1 जुलाई से करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।


ये होगा सस्ता...

- सामान्य श्रेणी या नॉन एसी रेल यात्रा को जीएसटी से छूट दी गई है।

- इकॉनमी क्लास में सफर करने वालों को कुछ राहत मिलेगी। इस श्रेणी पर अब 6 की बजाय 5 पर्सेंट टैक्स लगेगा।

- सिनेमा टिकटें सस्ती हो सकती हैं और उन पर शुल्क लगाने का अधिकार राज्यों के पास ही रहेगा।

- प्रतिदिन 1000 रुपये का शुल्क लगाने वाले होटल और लॉज को जीएसटी में छूट रहेगी।

- जीएसटी के तहत ऊबर और ओला जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों से टैक्सी की बुकिंग करना सस्ता हो जाएगा। इस तरह की सेवाएं 5 प्रतिशत टैक्स की श्रेणी में आएंगी। अभी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं से टैक्सी बुक करने पर 6 प्रतिशत टैक्स लगता है।


ये होगा महंगा...

- वातानुकूलित रेल यात्रा करने पर टिकटों पर 5 फीसदी शुल्क लगेगा।

- जीएसटी व्यवस्था में बिजनेस क्लास में हवाई सफर महंगा हो जाएगा। बिजनेस क्लास के यात्रियों को 12 पर्सेंट टैक्स देना होगा।

- टेलिकॉम सेवाओं पर 18 पर्सेंट जीएसटी लगेगा। अभी 15 पर्सेंट टैक्स लगता है। यानी 3 पर्सेंट अधिक टैक्स देना होगा।

- 5000 रुपये से अधिक प्रतिदिन शुल्क वाले होटल के लिए शुल्क दर 28 प्रतिशत होगी।

- बीमा कवर लेना आगामी एक जुलाई महंगा हो जाएगा। जीएसटी परिषद ने इसे वित्तीय सेवा क्षेत्र के साथ मिलाने का फैसला किया है और जीएसटी व्यवस्था में इस पर 18 प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा। फिलहाल बीमा क्षेत्र पर सर्विस टैक्स सेस 15 प्रतिशत है।

- जीएसटी की जिन दरों की घोषणा की गई है उनमें पांच सितारा होटलों पर 28 प्रतिशत, एसी रेस्तरां और शराब लाइसेंस वाले रेस्तरां पर 18 प्रतिशत की दर से कर लगेगा। मार्केट के जानकारों के मुताबिक जीएसटी की ऊंची दरों का असर विदेशी पर्यटन पर पड़ेगा।