सस्ते घरों पर और पहली बार घर खरीदनेवालों को GST में राहत

नई दिल्ली(26 जनवरी): प्रधानमंत्री ग्राम आवास योजना के तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) का लाभ लेकर घर खरीदने पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) की दर 12% से घटाकर 8% कर दी गई है। नई दर इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेटस प्राप्त प्रॉजेक्ट्स में बने मकानों पर भी लागू होगी। सीएलएसएस स्कीम के तहत 18 लाख की सालाना आमदनीवालों को पहली बार घर खरीदने पर सरकार 2.7 लाख रुपये तक की सब्सिडी देती है। शर्त यह है कि घर या अपार्टमेंट का कार्पेट एरिया 150 स्वैयर मीटर यानी 1,615 स्क्वैयर फीट से ज्यादा नहीं हो।

- क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम का फायदा नहीं उठा पाने वाले लोगों को घर खरीदने पर 12% की दर से ही जीएसटी देना होगा। लेकिन, इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेटस प्राप्त हाउजिंग प्रॉजेक्ट्स में 646 स्क्वैयर फीट के कार्पेट एरिया के घरों या फ्लैट्स खरीदारों को भी 12% की जगह 8% टैक्स ही लगेगा। 

- ऐसे घर या फ्लैट खरीदारों पर 'पहली बार खरीदारी' की शर्त नहीं रेहगी। ऐसे खरीदार पीएम आवास योजना के तहत सीएलएसएस स्कीम का लाभ लें या नहीं, उन्हें 8% की दर से ही जीएसटी देना होगा। 

- कॉन्फेडरेशन ऑफ रीयल एस्टेट डिवेलपर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के चेयरमैन गीतांबर आनंद ने कहा, 'इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर को गति मिलेगी, खासकर सस्ते मकानों के प्रॉजेक्ट्स को क्योंकि कीमत 4% तक घट जाएगी।' 

- उन्होंने कहा कि सीएलएसएस स्कीम का लाभ लेने के लिए घर अथवा फ्लैट के कार्पेट एरिया की सीमा 1,615 स्क्वैयर फीट रखी गई है जो करीब 2,200 स्क्वैयर फीट के बिल्ट-अप एरिया के बराबर होती है। इसमें देश के और खासकर महानगरों के तीन बेडरूम वाले ज्यादातर अपार्टमेंट्स और घर आ जाएंगे। उनके मुताबिक, पहली बार घर खरीदनेवालों के लिए 18 लाख की सालाना कमाई की सीमा भी पर्याप्त है। लेकिन दूसरी या इससे ज्यादा बार घर खरीदने जा रहे हैं, उन्हें यह लाभ नहीं मिल पाएगा। 

- नैशनल रियल एस्टेट डिवेलपमेंट काउंसिल के वाइस चेयरमैन प्रवीण जैन ने कहा, 'यह फैसला आम लोगों के लिए वरदान साबित होगा और इससे रियल एस्टेट सेक्टर के विकास को तेज गति मिलेगी। इससे 2022 तक सबको अपने घर का सपना भी पूरा करने में मदद मिलेगी।' डिवेलपर्स किसी प्रॉजेक्ट निर्माण की लागत पर जीएसटी देते हैं। जीएसटी के तहत डिवेलपर्स की ओर से लागत पर दिया गया टैक्स घर खरीदार को क्रेडिट के रूप में मिल जाता है।