GST पर ब्रैक-थ्रू, राज्यसभा में सभी दल बहस करने को तैयार

नई दिल्ली (18 जुलाई): GST पर मोदी सरकार को सफलता मिलती दिखाई दे रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी दल राज्सयभा में GST को लेकर बहस को तैयार हैं।

सूत्रों की मानें तो सरकार इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा मुखर होने वाली कांग्रेस को मनाने में सफल रही है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर 5 घंटे सदन में बहस को तैयार हो गई है। हालांकि अभी यह स्पष्‍ट नहीं हो पाया है कि यह बहस किस दिन होगी। GST को लेकर ममता बनर्जी की टीएमसी और मुलायम सिंह की सपा पार्टी सरकार के साथ खड़ी दिखाई दे रही हैं।

आपको बता दें कि GST लोकसभा में पास हो चुका हैं लेकिन यह राज्यसभा में अटक गया है, क्‍योंकि यहां पर मोदी सरकार कमजोर हैं। आज ही कांग्रेस की तरफ से आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ बैठक की, जिसके बाद यह कहा जा रहा है कि सरकार कांग्रेस को मनाने में सफल रही।

इस बीच, पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेसी सांसद पी चिदम्बरम ने कहा कि उनकी पार्टी जीएसटी की मूल अवधारणा के खिलाफ नहीं है, अलबत्ता संविधान संशोधन विधेयक को लेकर कुछ मुद्दे हैं और अब उनकी पार्टी को इन मुद्दों पर सरकार से लिखित में जवाब का इंतजार है।

GST को लेकर कांग्रेस की मांग: - कांग्रेस चाहती है कि वस्तु व सेवा कर की 18 फीसदी की ऊपरी दर को संविधान में गढ़ा जाए। - दूसरी मांग उत्पादक राज्यों को 1 फीसदी का अतिरिक्त कर लगाने के प्रावधान को खत्म करना है। - तीसरी मांग राज्यों के बीच कर संबंधी विवाद निपटाने के लिए जीएसटी काउंसिल के अधिकार को बढ़ाना है।

मोदी सरकार का कहना: - सरकार का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो दर में फेरबदल के लिए हर बार संविधान में संशोधन की लंबी चौड़ी प्रक्रिया अपनानी होगी जो व्यावहारिक नहीं है। - इस मांग को सरकार पहले ही मान चुकी है। - इस पर सरकार पहले ही अपना रूख नरम कर चुकी है।