GST: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत, कम्पाउंडिंग सीमा 1 करोड़ की

नई दिल्ली (6 अक्टूबर): जीएसटी परिषद की बैठक में त्योहारों से पहले सर्राफा कारोबारियों को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। साथ ही छोटे कारोबारियों को भी सरकार ने राहत दी है।

काउंसिल ने कम्पाउडिंग स्कीम के नियमों में बदलाव करते हुए सीमा बढ़ा दी है। कम्पाउडिंग स्कीम की सीमा 75 लाख से 1 करोड़ कर दी गई है। साथ ही व्यापारियों को तिमाही रिटर्न दाखिल करने की छूट दी गई है।

जीएसटी परिषद के निर्णयों से बिहार के कारोबारियों को सर्वाधिक लाभ pic.twitter.com/9V4406Ccrw

— Sushil Kumar Modi (@SushilModi) October 6, 2017

काउंसिल की बैठक में शामिल बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि पीएमएलए एक्ट से सर्राफा कारोबार को बाहर कर दिया है। अब डेढ़ करोड़ टर्नओवर वाले व्यापारी तीन महीने में रिटर्न दे सकते हैं। साथ ही रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है।

जीएसटी परिषद ने बदले ये नियम...

- डेढ़ करोड़ तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को हर महीने रिटर्न दाखिल करने से छूट दे दी है। - अब कारोबारियों को तीन महीने पर रिटर्न दाखिल करना होगा। - रत्न और गहनों को जीएसटी नोटिफिकेशन के दायरे से बाहर कर दिया गया है। अब इसके लिए नया नोटिफिकेशन लाया जाएगा। - कंपाउंडिंग स्कीम के तहत भी 75 लाख टर्नओवर की सीमा को बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है। - ऐसे कारोबारी 3 महीने पर कुल बिक्री का एक फीसदी टैक्स जमाकर विवरण दाखिल कर सकेंगे। - कंपाउंडिंग डीलरों को दूसरे राज्यों में माल बेचने का अधिकार और इनपुट सब्सिडी का लाभ देने के लिए 5 सदस्यीय मंत्री समूह के गठन का फैसला हुआ है। - रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को अगसे साल 31 मार्च तक स्थगति कर दिया गया है। इसके तहत पहले रजिस्टर्ड करदाताओं को अनरजिस्टर्ड आपूर्तिकर्ता से माल खरीदने पर टैक्स देना पड़ता था। अब 31 मार्च तक इससे राहत दे दी गई है।