GST के बाद रेल में सफर करना होगा इतना महंगा

नई दिल्ली (8 जून): अगर आप रेल में सफर करते हैं तो यह खबर आपको थोड़ा निराश कर सकती है। क्योंकि मोदी सरकार एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की तैयारी में है, जिसके बाद रेल में सफर करना महंगा हो जाएगा।

किराया बढ़ने के साथ ही उन पैसेंजर्स से भी जीएसटी वसूला जाएगा, जिन्होंने 4 महीने पहले टिकट बुक किया है। इन लोगों से ट्रेन में ही बढ़ा हुआ किराया वसूला जाएगा। माना जा रहा है कि एसी क्लास में ट्रैवल करने वालों को अब 14.5% की बजाय 15% टैक्स देना होगा।

जीएसटी में ट्रांजिशन के मुताबिक ट्रेडर और रिटेलर 90 दिनों में पुराने स्टॉक का टैक्स क्रेडिट क्लेम कर सकते हैं। जीएसटी नियमों के ड्राफ्ट में इसके लिए 60 दिनों का वक्त दिया गया था। यहां पुराने स्टॉक से मतलब उस सामान से है जिसे उन्होंने 1 जुलाई से पहले खरीदा और उसकी सेल 1 जुलाई या उसके बाद कर रहे हैं।

क्या है GST

GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स है। आसान शब्‍दों में कहें तो जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक जैसा बाजार बनाएगा। एक जुलाई से GST देशभर में लागू होना है। 17 साल की कवायद के बाद GST इसलिए लाया जा रहा है, क्योंकि अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है।

जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। GST को केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जा रहा है। इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैम्प ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या सेल्स और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।