सरकार के लिए जीएसटी अच्छा, लोगों के लिए बुरा: कपिल सिब्बल

नई दिल्ली ( 8 जुलाई ): कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इससे पूरे देश में भ्रम का माहौल है इसलिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(संप्रग) सरकार की परिकल्पना पर आधारित जीएसटी लागू किया जाना चाहिए। कपिल सिब्बल ने कहा कि जब देश में हाहाकार होता तो प्रधानमंत्री हमेशा विदेश यात्रा पर चले जाते हैं।


कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जो जीएसटी लागू किया गया है, उसमें जनसामान्य का ध्यान ही नहीं रखा गया है। इसके लागू होने से चारों तरफ भ्रम की स्थिति बन गयी है और विशेष रूप से छोटे कारोबारी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कानून के जानकार इस सरकार में हैं, लेकिन व्यापार के जानकार भी होने चाहिए। सिब्बल ने कहा कि जीसएटी सरकार के लिए अच्छा है, आम लोगों के लिए बुरा है।


उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से देश में 50 फीसदी कारोबार ठप हो गया है और लोगों को पता ही नहीं है कि करना क्या है। परिवहन क्षेत्र तथा कपड़ा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है और अब निर्यात भी इसकी चपेट में आने लगा है। भ्रम की स्थिति के कारण कारोबारी अपने माल का निर्यात नहीं कर पा रहे हैं।


प्रवक्ता ने कहा कि जीएसटी की सबसे बुरी मार गैरपंजीकृत छोटे व्यापारियों को झेलनी पड़ रही है। उनका काम पूरी तरह चौपट हो गया है। देश में 80 प्रतिशत छोटे कारोबारी पंजीकृत नहीं है इसलिए जीएसटी लागू होने से वे सबसे ज्यादा परेशान हैं।


कपिल सिब्बल ने कहा कि तमिलनाडु में 100 रुपये के टिकट पर 28 फीसदी जीएसटी के अलावा 30 फीसदी टैक्स और बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में गाड़ी खरीदने पर 2 फीसदी सरकार अलग से टैक्स ले रही है।


कपिल सिब्बल ने कहा कि आटा खुला खरदीने पर टैक्स नहीं, लेकिन पैकेट खरीदने पर टैक्स। होल सेल व्यापारी क्रेडिट पर काम करते थे, लेकिन जीएसटी की वजह से अब वो क्रेडिट पर काम नहीं कर सकता। बिल बनेगा तब ही हो सामान दे सकेगा। कपिल सिब्बल ने कहा कि लुधियाना में टेक्सटाइल मंडी पूरी तरह बंद है।


छोटे बुनकर और कारीगर हैंड मेड सामान बनाते हैं, लेकिन वो रजिस्टर्ड नहीं होते हैं। उनका बिजनेस 20 लाख से ज्यादा का नहीं है और वो रजिस्टर्ड नहीं है। अब जो व्यापारी उनसे सामान खरीदता था उसने खरीदना बंद कर दिया है, क्योंकि उन्हें अपने पास से बिल दिखाना होगा।