GST से कर आतंकवाद और इंस्पेक्टर राज होगा समाप्त: पीएम मोदी

नई दिल्ली (1 जुलाई): देश के अब तक के सबसे बड़े कर सुधार की लॉन्चिंग का ऐतिहासिक मौका शुक्रवार को आधी रात को आ गया। रात के ठीक 12 बजते ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पीएम नरेंद्र मोदी ने एक साथ बटन दबाकर पूरे देश में एक टैक्स व्यवस्था की शुरुआत की। इस लॉन्चिंग के साथ ही देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू हो गई। पीएम नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को देश के सभी लोगों की साझी विरासत करार दिया।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीएसटी आम लोगों के कल्याण की दिशा में योगदान करने के साथ ही व्यवसायियों के लिए भी हितकर है। उन्होंने कहा कि यह कर के आतंकवाद और इंस्पेक्टर राज को समाप्त कर बिजनसमैन की मदद करेगा।


पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि यह किसी एक दल या सरकार की सिद्धि नहीं है। यह हम सभी के प्रयासों का नतीजा है। वहीं, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि ऐतिहासिक क्षण दिसंबर, 2002 में शुरू हुई लंबी यात्रा की परिणति है। प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी को देश भर के तमाम राज्यों की सरकारों के बीच सहमति और देश हित के लिए सबके साथ आने का प्रतीक करार दिया।


पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'जीएसटी सहकारी संघीय ढांचे की एक मिसाल है। जीएसटी इस बात का प्रतीक का है कि टीम इंडिया की एकजुटता का क्या परिणाम हो सकता है।' उन्होंने कहा कि किसी की भी या कहीं की भी सरकार हो, लेकिन सभी ने जीएसटी में आम लोगों के हितों का ध्यान रखा है। पीएम मोदी ने कहा कि जिन-जिन लोगों ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, मैं उन सभी को बधाई देता हूं।


किसी शब्द की नई परिभाषा देने के लिए मशहूर पीएम मोदी ने GST को गुड ऐंड सिंपल टैक्स करार दिया। उनका इतना कहना ही थी कि सभागार में तालियों की गड़गड़ाहटा गूंजने लगी। उन्होंने कहा, 'जीएसटी गुड ऐंड सिंपल टैक्स है जो बहु-स्तरीय टैक्स सिस्टम के प्रभाव को खत्म करेगा।'