GST: शराब को रखा गया बाहर, लेकिन फिर भी बढ़ेंगे दाम

नई दिल्ली (27 जून): मोदी सरकार ने शराब को जीएसटी से बाहर रखा है, लेकिन फिर भी 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद इसके दाम बढ़ने की पूरी संभावना है। ऐल्कॉहॉल इंडस्ट्री इसके पीछे लागत बढ़ने का कारण बता रही हैं।


जीएसटी लागू होने के बाद इसकी लागत में 12-15 पर्सेंट की बढ़ोतरी होगी। इस कारण कंपनियों पर लाभ को लेकर दबाव होगा और कंपनियां उस दबाव को कम करने के लिए ग्राहकों का सहारा लेंगी। यह एसोसिएशन देशभर की बियर कंपनियों का एक समूह है, जिसमें देश और विदेश की कई बड़ी बियर कंपनियों का प्रतिनिधित्व है।


इसका सबसे ज्यादा असर बियर की लागत पर पड़ेगा। बियर की लागत करीब 15 प्रतिशत बढ़ जाएगी। लिकर और इससे जुड़े प्रॉडक्ट की लागत 12 प्रतिशत बढ़ सकती है। कांच की बोतलों को 18 प्रतिशत टैक्स के दायरे में रखा गया है, जबकि इससे पहले यह दायरा 15 प्रतिशत तक था। वहीं गुड़ को सबसे ज्यादा 28 प्रतिशत के टैक्स ब्रैकेट में रखा गया है। ट्रांसपोर्ट टैक्स 4.5 पर्सेंट से 5 पर्सेंट तक आ गया है। जबकि सर्विस टैक्स 15 से 18 प्रतिशत हो गया है।