आज के दौर में नहीं चलेगी एक परिवार के आसपास की राजनीति- जेटली

नई दिल्ली (21 मई): जेटली ने शनिवार को कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि देश ने ऐसी सरकारें देखी हैं जिनका कार्यकाल भ्रष्टाचार की वकालत करते हुए निकल गया। देश से निवेशकों ने मुंह मोड़ दिया था। नीति निमार्ण के काम को लकवा मार गया था। जेटली न्यूज 24 के कार्यक्रम 'दो साल मोदी सरकार' में बोल रहे थे।

दुनिया मंदी की दौर में और भारत आगे की तरफ बढ़ रहा है पिछले दो सालो से दुनिया में मंदी है। पिछले दो वर्षों से दुनिया आर्थिक संकट से गुजर रही है। यह आर्थिक संकट किस और जाएगा कोई भी नहीं बता सकता है। लेकिन इस बीच पहली बार भारत के इतिहास में दो वर्ष ऐसे आए हैं कि सब देश के ग्रोथ रेट में सबसे तेजी से बढ़त की बात कर रहे हैं। हमें पहली बार कहा जा रहा है कि हिंदुस्तान दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यव्स्था है।  

कांग्रेस पर किया तीखा हमला कांग्रेस पार्टी के सर्जरी वाले सवाल पर अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस को तय करना है कि किस ओर जाना है। कांग्रेस को सोचना होगा कि परिवारवाद की राजनीति करें या...। कांग्रेस को अपना मूल रास्ता तय करना होगा। एक परिवार के आसपास की राजनीति आज के दौर में नहीं चलेगी।

अगले सत्र में दूसरी व्यवस्था से पास कराएंगे GST GST को अगले सत्र में दूसरी व्यवस्था से पास कराएंगे। अगर जीएसटी के पास होने में कोई बाधा पैदा करता है तो हम संसदीय प्रक्रिया के जरिए पास करायेंगे। GST को केंद्र और राज्य सरकारों को लागू करना है। जटली ने कहा कि ज्यादातर पार्टियां GST के लिए तैयार हैं। कांग्रेस पार्टी के 100 फीसदी सहयोगी GST पर सहमत हैं। लालू प्रसाद की पार्टी के लोग भी GST पर सरकार के साथ हैं। 

कोर्ट के दखलअंदाजी पर बोले जेटली उन्होंने कहा कि टैक्स तय करने का काम विधायिका कार्यपालिका का काम है ना कि न्यायपालिका का। कोर्ट की निष्पक्षता बनी रहनी चाहिए लेकिन कार्यपालिका की शक्ति को पहले सरकार अभ्यास करे, बाद में न्यायपालिका। जेटली ने कहा कि जब मैंने सदन में कहा न्यायपालिका से टैक्स पर हस्तक्षेप न कराया जाए, तो कांग्रेस के सांसदों ने भी ताली बजाई थी।

'पूरा का पूरा बैंकिंग सेक्टर विजय माल्या के पीछे लगा है' विजय मालया को 9000 करोड़ बैंक देते हैं गरीब को 50000 रुपये क्यों नहीं देते। इसके जवाब में जेटली ने कहा कि पूरा का पूरा बैंकिंग सेक्टर विजय माल्या के पीछे लगा हुआ है। बैंकिंग सेक्टर का किसी को मखौल नहीं उड़ाने दिया जाएगा। बैंकों की जिम्मेवारी है कर्ज देना। बैंक से लोन लेना गलत नहीं, पर ब्याज और पैसा वापस नहीं दे पाने पर NPAs एक चुनौती है। पिछले डेढ साल में सरकार उन्हीं को ठीक करने का सरकार काम कर रही है। देश की जांच एजेंसियां बैंकिंग सिस्टम की चुनौतियों की जांच करने में संलग्न है।

जिन्हें सूट बूट की चिंता थी वो सोने के पक्ष में खड़े हो गए जेटली ने कहा राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि जिन्हें सूट बूट की चिंता थी वो सोने के पक्ष में खड़े हो गए। हमने दो लाख रुपये तक की खरीद पर पैन जरूरी कर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार ने कालेधन पर हमारे कदमों के मुकाबले 1% भी कदम नहीं उठाये। पनामा पेपर्स में जिसका नाम आया उनके खिलाफ जांच हो रही है।

रघुराम राजन के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं जिस पद पर बैठा हूँ, आरबीआई के गवर्नर पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। स्वामी ने जो भी कहा यह उनकी निजी राय हो सकती है।