सभी धार्मिक भंडारों पर नहीं लगेगा GST

नई दिल्ली (1 जून): मोदी सरकार ने हर धर्म के धार्मिक भंडारों पर जीएसटी नहीं लेने का फैसला किया है। जिस दिन से GST लागू हुआ है, उस समय से ही सिख समुदाय के लोग लंगर से GST हटाने की मांग कर रहे हैं।इस बात को लेकर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष आग्रह किया था। हरसिमरत ने तो कह दिया था कि अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह सरकार से अलग भी हो सकती हैं। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने प्रधानमंत्री मोदी से पत्र के जरिये कहा है कि यह आस्था से जुड़ा मुद्दा है, किसी भी सूरत में इससे समझौता नहीं हो सकता। इसको लेकर हरसिमरत कौर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी मिल चुकी हैं।

दुनिया का सबसे बड़ा लंगरस्वर्ण मंदिर, अमृतसर दुनिया का सबसे बड़ा लंगर चलाता है। इसमें लाखों लोगों को सालभर मुफ्त भोजन मुहैया कराया जाता है। इसमें सिर्फ घी, चीनी व दाल पर 75 करोड़ तक खर्च होते हैं।  फिलहाल लंगर में इस्तेमाल होने वाली सामग्री यथा देसी घी, दूध पाउडर, तेल, चीनी, सिलिंडर और अन्य वस्तुओं पर 18 फीसदी तक जीएसटी लगता है।जीएसटी लागू होने के बाद स्वर्ण मंदिर के लंगर के बजट पर और 10 करोड़ रुपए का बोझ पड़ रहा है।  यहां एक दिन में खाना बनाने के लिए लगभग 7000 किलोग्राम आटा, 1200 किलोग्राम चावल, 1300 किलोग्राम दाल और 500 किलोग्राम घी का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं हर दिन बनने वाली सब्जियों की मात्रा भी हजारों किलोग्राम में होती है। नई दिल्ली में भी दो बड़े गुरुद्वारों बंगला साहिब और शीशगंज साहिब में 24 घंटे लंगर चलता है।