'दादा को घर से निकाला तो कोर्ट ने रद्द कर दी जमीन की रजिस्ट्री'

नई दिल्ली (1 मार्च): जबलपुर में एक पोते ने जिदंगी भर सेवा करने का 20 रुपए के शपथ पत्र पर वचन देकर दादा से एक एकड़ जमीन अपने नाम करा ली। सेवा करना तो दूर पिता के साथ मिलकर पोते ने 91 साल के दादा को घर से ही निकाल दिया। दादा भरण पोषण अधिनियम का मामला लेकर एसडीएम कोर्ट पहुंचे।

कोर्ट ने जांच में मामला सही पाया और मंगलवार को पोते के नाम की एक एकड़ की रजिस्ट्री शून्य घोषित कर जमीन दादा के नाम कराने का आदेश दे दिया। संभवत: माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2009 के तहत ये मप्र का पहला मामला है। जिसमें किसी रजिस्ट्रार अधिकारी (एसडीएम) ने जमीन की रजिस्ट्री शून्य की है।