चीन का मिट जाएगा नामों निशान!

नई दिल्ली ( 15 नवंबर ): क्या चीन तबाह हो जाएगा। अब ऐसे सवाल खड़े होने लगे हैं। अगर चीन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को जारी रखते हुए और मजबूती से नहीं लड़ता है, वह सोवियत संघ की तरह तबाह हो सकता है। चीन में सेंट्रल कमिशन फॉर डिसिप्लिन इंस्पेक्शन के डेप्युटी सेक्रटरी यांग शियाओडू ने बुधवार को एक संपादकीय में यह बातें लिखी हैं। यांग ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई में देश नाकाम रहा तो यह देश के भविष्य के लिए ठीक नहीं होगा। यांग को पिछले महीने सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो में शामिल किया गया था। 

पिछले प्रशासन की असामान्य रूप से सीधे और कड़े शब्दों में निंदा करते हुए यांग ने कहा, 'पिछले समय में भ्रष्टाचार इस हद तक बढ़ गया था कि पार्टी का नेतृत्व तक कमजोर पड़ गया। इस दौरान निरीक्षण बेहद कमजोर रहा और विचारधारा बेपरवाह रही।' 

चीन के सरकारी अखबार पीपल्स डेली में यांग ने लिखा, 'भ्रष्टाचार इस हद तक बढ़ गया है कि अगर उसे नियंत्रित नहीं किया गया तो देश का स्वरूप बदल जाएगा। ऐसे में पार्टी और देश के लोगों का भविष्य वैसा ही हो सकता है जैसे सोवियत यूनियन और ईस्टर्न ब्लॉक का हुआ था।' 

अपने पूर्ववर्तियों की तरह राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी यही मानते हैं कि सत्ता पर पकड़ ढीली होने से देश में उथल-पुथल मच सकती है और देश टूटने की कगार पर भी आ सकता है। यही वजह है कि पार्टी हमेशा अपने काडर से कहती है कि वह सोवियत यूनियन के विघटन का अध्ययन करे।