बस-ऑटो में GPS जरुरी, नहीं तो ब्लैकलिस्ट

नई दिल्ली(18 जनवरी): परिवहन विभाग ने तय किया है कि जिन ऑटो, टैक्सी, बस और दूसरे पब्लिक सर्विस वीइकल में पिछले 3 महीने से जीपीएस बंद हैं उन सभी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। विभाग ने बिना जीपीएस के चलने वाली गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने की पूरी तैयारी कर ली है।

- विभाग के मुताबिक, पहले राउंड में उन सभी वीइकल का डेटा तैयार किया जा रहा है, जिनमें पिछले 3 महीने से जीपीएस बंद है। ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद उन सभी ऑटो, टैक्सी, बस, स्कूल बस, ग्रामीण सेवा, फटफट सेवा और दूसरे पब्लिक सर्विस वीइकल का न तो परमिट रिन्यू होगा और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट मिलेगा। वीइकल के लिए ड्यूप्लिकेट आरसी फसिलटी को भी ब्लॉक कर दिया जाएगा। 

- ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद पब्लिक सर्विस वीइकल विभाग की किसी भी फसिलटी का फायदा नहीं उठा सकेंगे। जब इन वीइकल में जीपीएस ऐक्टिव होगा, उसी के बाद इन वीइकल को ब्लैकलिस्ट कैटिगरी से हटाया जाएगा। 

-  परिवहन विभाग के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि डिपार्टमेंट में बनाए गए ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) ने उन सभी पब्लिक सर्विस वीइकल का डेटा तैयार कर लिया है, जिनमें जीपीएस तो है लेकिन वे काम नहीं कर रहे हैं। कितनी गाड़ियां रजिस्टर हैं और कितनी गाड़ियों में जीपीएस ऐक्टिव नहीं है, यह सारी डीटेल तैयार हो गई है। ऐसे सभी वीइकल को एसएमएस के जरिए जानकारी दे दी गई है और जीपीएस ऐक्टिव करवाने के लिए दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। नोटिस के बाद भी जिन वीइकल में जीपीएस ऐक्टिव नहीं करवाया गया है, उनको अब ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। 

- परिवहन  विभाग का कहना है कि दिल्ली में रोड सेफ्टी को सुनिश्चित करने के लिए जीपीएस मॉनिटरिंग पर फोकस किया गया है। स्कूल बसों और स्कूल वैन पर भी निगरानी होगी। स्कूली बच्चों की सेफ्टी एक बड़ा सवाल है और जीपीएस मॉनिटरिंग से सभी स्कूल बसों पर नजर रहेगी। तय स्पीड से ज्यादा तेजी से चलने वाली स्कूल बसों पर एक्शन होगा।