माल्या के अलावा 58 अन्य भगोड़ों को वापस लाने की तैयारी में सरकार

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 दिसंबर): भारत सरकार को चकमा देकर विदेश भागने वाले विजय माल्या की वतन वापसी को लेकर सरकार ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। इसके अलावा सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि वो सिर्फ भगोड़े विजय माल्या नहीं बल्कि ऐसे ही 58 और भगोड़ों की वतन वापसी को लेकर कवायद कर रही है। बता दें कि इन सभी भगोड़ों के खिलाफ सरकार ने इंटरपोल से रेड काॅनर्र नोटिस और प्रत्यर्पण को लेकर मांग रखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार और सीबीआई, ईडी, डीआरआई जैसी जांच एजेंसियों ने 16 अन्य प्रत्यर्पण की यूएई, यूके, बेल्जियम, इजिप्ट, अमेरिका, ऐंटीगुआ जैसे देशों से गुजारिश की है। इस बात की पुष्टि सरकार ने बुधवार को लोकसभा में विस्तृत जवाब में दी है।

इतना ही नहीं लोकसभा में जब नीरव मोदी को लेकर पूछा गया तो सरकार की ओर से विदेश मंत्रालय ने जवाब देते हुए कहा कि नीरव मोदी के खिलाफ पहले से ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके अलावा इंग्लैंड में उसके खिलाफ अगस्त में प्रत्यर्पण की दो अन्य मांगें भी की जा चुकी है। इस मांग के साथ-साथ नीरव के भाई नीशल और नजदीकी सहयोगी सुभाष परब के लिए भी यूएई से प्रत्यर्पण की मांग दाखिल की गई है। मोदी सरकार इन भगोड़ों को लेकर कितनी संजीदा है इस बता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने पिछले कुछ समय में ही इस बावत एक के बाद एक कवायद कर विजय माल्या को भारत लाने को लेकर लंदन से मंजूरी भी ले ली है।

इसके अलावा केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच ऐजेंसियों की और से ऐंटिगुआ से मेहुल चौकसी के प्रत्यर्पण की मांग की गई है। सरकार की ये कवायद भी कहीं न कहीं सही दिशा में जाती हुई दिखाई दे रही है। सरकार की मांग के कुछ दिनों बाद ही चौकसी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कर दिया है। गौरतलब है कि अभी कुछ समय पहले ही इंग्लैंड की एक अदालत ने व्यापारी और भगोड़े विजय माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। बहरहाल, अब देखना होगा कि मोदी सरकार कब तक इन भगोड़ों की देश वापसी करवा पाती है और कब बैंको से लूटे गए पैसों को वापस लिया जाएगा।